दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल। फोटो साभार: आईस्टॉक
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मौसम अपडेट: कहीं झमाझम बारिश, कहीं बर्फबारी, दिल्ली-एनसीआर में खिलेगी धूप

दिल्ली-एनसीआर में धूप, पहाड़ों पर बर्फबारी; दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, 24 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ बदलेगा उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज।

Dayanidhi

  • दिल्ली-एनसीआर में खिलेगी धूप, सुबह हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी का अहसास, अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान।

  • बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय, 23 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र बनने और आगे बढ़ने के आसार।

  • दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल।

  • उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी, कई इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंचने से बढ़ी ठिठुरन।

  • 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा नया पश्चिमी विक्षोभ, पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम बदलने तथा बारिश के आसार।

देश के विभिन्न इलाकों में मौसम का अलग-अलग मिजाज देखने को मिल रहा है। कहीं भारी बारिश और गरज-चमक लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं, तो कहीं पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंड का असर तेज हो गया है। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और बारिश की संभावना न के बराबर है।

मौसम विभाग के द्वारा आज 23 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी ताजा अपडेट के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जिसके प्रभाव से कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके अलावा, 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम में बदलाव ला सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में सुबह हल्की ठंडक, दिन में गर्मी

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह खुले इलाकों में हल्की ठंडक महसूस होगी, जबकि दिन चढ़ने के साथ धूप की तपिश बढ़ेगी। फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव पर मौसम की स्थिति निर्भर करेगी।

पहाड़ों पर बर्फबारी, बढ़ी ठिठुरन

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहने से ठंड बढ़ गई है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में मौसम तेजी से बदल रहा है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी से कुछ हिस्सों में सुबह का तापमान शून्य से काफी नीचे, करीब माइनस आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की खबर है। हिमाचल प्रदेश में भी सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ रहा है।

वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम में बदलाव हो सकता है। जिससे गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और उससे सटे पूर्व-मध्य क्षेत्र के साथ अंडमान द्वीपसमूह के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसके प्रभाव से 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके बाद यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और मजबूत हो सकती है।

दक्षिण भारत में बहुत भारी बारिश और आंधी का खतरा

कम दबाव व चक्रवाती प्रसार के चलते दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा है। विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।

वहीं, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं

बारिश के साथ आज, तटीय आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। केरल, लक्षद्वीप, आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और अंडमान-निकोबार में भी बिजली चमकने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तेज हवाएं चलने की आशंका है। छत्तीसगढ़, विदर्भ और तटीय कर्नाटक में भी बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

अरब सागर और कोमोरिन क्षेत्र में भी मौसमी हलचल

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में सोमालिया के तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र उसी इलाके में बना हुआ है। इसके पश्चिम दिशा में सोमालिया तट की ओर बढ़ने की संभावना है। उधर, कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे दक्षिण तमिलनाडु तथा केरल के आसपास भी कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे दक्षिणी इलाकों में मौसम की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

अरब सागर में कर्नाटक और केरल के तटों के आसपास, लक्षद्वीप तथा कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अंदेशा जताया गया है। बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में भी तेज हवाओं का अनुमान है। ऐसे में समुद्र में जाने वाले मछुआरों और छोटे जहाजों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

22 अक्टूबर, 2026 को दर्ज तापमान के अनुसार, गुजरात के राजकोट में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लोगों और किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटक और श्रद्धालु यात्रा से पहले मौसम तथा सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।

समुद्र में जाने वाले मछुआरे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। किसानों को सलाह है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें। सिंचाई, छिड़काव और कटाई से पहले स्थानीय मौसम पूर्वानुमान अवश्य देखें।