अगले एक हफ्ते के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में, पांच से आठ अप्रैल के दौरान पश्चिमी राजस्थान में लोगों को लू या हीटवेव से निजात मिलने के आसार नहीं हैं। फोटो साभार : विकिमीडिया कॉमन्स
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मौसम अपडेट: उत्तर में बढ़ी गर्मी, सौराष्ट्र-कच्छ में लू, दक्षिण में भारी बारिश व ओलावृष्टि

आज विदर्भ, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है।

Dayanidhi

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में गर्मी अपना प्रकोप दिखाने लगी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी गर्मी महसूस की जा रही है। जनपद के अधिकतर इलाकों में पारा उछल रहा है। उत्तराखंड में सुबह और शाम के समय गर्मी से हल्की राहत मिल रही है लेकिन दिन के समय सूरज के तल्ख तेवरों की वजह से गर्मी सितम ढाने लगी है।

स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक, उत्तराखंड के अधिकतर इलाकों में मौसम लगातार शुष्क ही बना रहेगा, लेकिन राज्य के कुछ पहाड़ी जिलों में मौसम आज बदल सकता है। क्योंकि एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक दे दी है जिसके चलते पिथौरागढ़, चमोली, उत्तरकाशी के कुछ हिस्सों में बादल बरस सकते हैं, इसके कारण तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। इन तीन जनपदों के अलावा बाकी जिलों में मौसम के पहले की तरह शुष्क ही बने रहने का पूर्वानुमान है।

एक और पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में मौसमी बदलाव की बात करें तो, यहां भी तेज धूप की वजह से प्रदेश के अधिकतर इलाकों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई है। मैदानी हिस्सों के साथ पहाड़ भी गर्मी से तपने लगे हैं। राज्य के छह हिस्सों बरठीं, धौलाकुआं, मंडी, कांगड़ा, ऊना व सुंदरनगर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से पार हो गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र की मानें तो तापमान में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बावजूद इसका प्रभाव ज्यादा नहीं रहेगा। आने वाले पांच दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

राजधानी दिल्ली व एनसीआर में मौसम संबंधी बदलाव देखें तो, यहां गर्मी का सितम लगातार बढ़ रहा है, आने वाले तीन से चार दिनों में तापमान के 40 डिग्री को पार करने के आसार हैं। वहीं, अगले छह से सात दिनों में तापमान के 42 डिग्री तक पहुंचने की भी आशंका जाहिर की गई है। चार अप्रैल तक तेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान है, हालांकि हवाएं ठंडी नहीं बल्कि गर्म होंगी।

बढ़ती गर्मी के पूर्वानुमान के बावजूद अगले छह से सात दिन मौसम विभाग ने लू या हीटवेव चलने की संभावना से इनकार किया है। आज दिल्ली में अधिकतम तापमान के 37 से 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान लगाया गया है।

देश के कई इलाकों में मौसम संबंधी अलग-अलग गतिविधियां जारी हैं, इसी क्रम में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर एक ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है, इस चक्रवाती प्रसार से निचले स्तरों में दक्षिण-पूर्व मध्य प्रदेश तक हवाओं का एक ट्रफ जारी है।

निचले दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के निचले स्तरों में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। लक्षद्वीप से कोंकण तक पूर्वी दिशा के निचले स्तरों पर हवाओं का एक ट्रफ बना हुआ है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के कारण निचले स्तरों में अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाएं आपस में मिल रही हैं।

मौसम विभाग ने उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते तीन से छह अप्रैल, 2025 के दौरान भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप में, तीन और चार अप्रैल को मध्य भारत, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है।

वहीं आज, तीन अप्रैल, 2025 को विदर्भ, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पश्चिमी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की आशंका जताई है

तीन से पांच अप्रैल, 2025 के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय कर्नाटक के अलग-अलग इलाकों, तीन से छह अप्रैल के दौरान केरल और माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में तथा तीन अप्रैल को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज के साथ जमकर बरसेंगे बादल, इन राज्यों में बादलों के 70 मिमी से अधिक बरसने के आसार हैं।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, सौराष्ट्र और कच्छ के सुरेंद्रनगर में अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?

अगले एक हफ्ते के दौरान सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में, पांच से आठ अप्रैल के दौरान पश्चिमी राजस्थान में, छह से आठ अप्रैल के दौरान गुजरात तथा सात और आठ अप्रैल को पूर्वी राजस्थान में लोगों को लू या हीटवेव से निजात मिलने के आसार नहीं हैं

कल, यानी दो अप्रैल को भी सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।

कल, यानी दो अप्रैल को भी सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा।

कल कहां हुई बारिश व कहां पड़ी बौछारें?

कल, दो अप्रैल को पश्चिम मध्य प्रदेश, केरल और माहे, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादल बरसे या गरज के साथ बौछारें पड़ी। वहीं, कल केरल और माहे के पुनालुर में 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।