दिल्ली-एनसीआर में आज आसमान साफ रहेगा, दिन में धूप खिलेगी और सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास बढ़ने की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन अगले छह घंटों में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है, दो नवंबर को गंभीर रूप लेगा।
तीन नवंबर की सुबह गंभीर चक्रवाती तूफान के दक्षिण आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका, 110 किमी प्रति घंटे तक चलेंगी हवाएं।
तटीय आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और केरल में भारी बारिश के आसार, ओडिशा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड और हिमाचल में हल्की बारिश संभव, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बूंदाबांदी व पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा।
नवंबर की शुरुआत के साथ ही दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। राजधानी में रविवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और दिनभर धूप खिलने का अनुमान है। हालांकि सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास बढ़ सकता है।
मौसम विभाग की ओर से आज, एक नवंबर, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, दिल्ली में आज बारिश की कोई खास संभावना नहीं है। दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी और दोपहर में इनकी रफ्तार बढ़ सकती है।
बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन, चक्रवाती तूफान का खतरा प्रबल
एक तरफ उत्तर भारत में मौसम धीरे-धीरे ठंडा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक शक्तिशाली मौसमी प्रणाली विकसित हो रहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान 23 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और डीप डिप्रेशन में तब्दील हो गया है।
आज एक नवंबर की सुबह 5:30 बजे यह प्रणाली दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर जारी थी। इसकी स्थिति लगभग 11.5 यह चेन्नई से करीब 700 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले छह घंटों में यह प्रणाली चक्रवाती तूफान में बदल सकती है। इसके बाद दो नवंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की आशंका है। इसके लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए तीन नवंबर की सुबह तक नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के आसार हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की गति 120 किमी प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है।
आंध्र और अरुणाचल प्रदेश में बारिश-आंधी की आशंका
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अरुणाचल प्रदेश, केरल तथा माहे के कुछ हिस्सों में भी बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। ओडिशा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
तूफानी गतिविधि को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को दक्षिण-पूर्वी, दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के साथ उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ का भी बना हुआ है असर
उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 4.5 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के साथ एक ट्रफ भी सक्रिय है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी राज्यों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में एक और दो नवंबर को हल्की बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी दो नवंबर तक हल्की बारिश के आसार हैं। हालांकि दोनों राज्यों में भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
पूर्वी यूपी में बूंदाबांदी, पश्चिमी हिस्सों में मौसम शुष्क
उत्तर प्रदेश में भी एक नवंबर को मौसम का मिजाज अलग-अलग इलाकों में अलग रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। प्रदेश में भारी बारिश या तेज आंधी को लेकर फिलहाल कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है। नवंबर की शुरुआत के साथ ही सुबह और रात के तापमान में गिरावट आने से ठंड का अहसास धीरे-धीरे बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर दिल्ली में रविवार का दिन साफ आसमान और सुहावनी धूप के नाम रहने वाला है। हालांकि सुबह-शाम की ठंडक धीरे-धीरे सर्दियों के आगमन का संकेत दे रही है। वहीं बंगाल की खाड़ी में बन रही गंभीर चक्रवाती प्रणाली दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है। आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे।