म्यांमार के ऊपर कमजोर हुआ डिप्रेशन, आज शाम तक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना, पूर्वोत्तर में बढ़ेगी बारिश।
असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया।
दक्षिण भारत में भी बारिश के आसार, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार।
बंगाल की खाड़ी में समुद्र रहेगा अशांत, तेज हवाओं के बीच मछुआरों और नाव संचालकों को सावधानी बरतने की सलाह।
मानसून की वापसी जारी, तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों और आम लोगों को खराब मौसम में सतर्क रहने का सुझाव।
म्यांमार के तटीय इलाकों के ऊपर बना डीप डिप्रेशन पिछले छह घंटों के दौरान 28 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके बाद यह कमजोर पड़कर डिप्रेशन में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 29 सितंबर की सुबह 5:30 बजे यह डिप्रेशन म्यांमार और उससे सात पूर्व-मध्य तथा उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ था।
मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में बताया है कि डिप्रेशन के अगले कुछ घंटों में उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके बाद आज यानी 29 सितंबर की शाम तक इसके म्यांमार और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश तथा उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
इसके बाद यह मौसम प्रणाली अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकती है। इसका असर दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश के साथ म्यांमार, मिजोरम और त्रिपुरा के आसपास के इलाकों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान यह धीरे-धीरे कमजोर पड़ता जाएगा। स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने आज, 29 सितंबर, 2026 को असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। वहीं आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के साथ कुछ जगहों पर बिजली गिरने और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाएं
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। साथ ही तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में गरज के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां भी 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान है।
वहीं आज, आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे, कोंकण और गोवा तथा ओडिशा के भी कुछ हिस्सों में वज्रपात और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं भी चल सकती हैं।
महाराष्ट्र और मध्य भारत में गरज-चमक
मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मध्य प्रदेश में भी कुछ जगहों पर बिजली चमकने का अंदेशा जताया गया है। लोगों को आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी म्यांमार और बांग्लादेश के तटों के आसपास समुद्र में मौसम खराब रह सकता है। उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा इसके आसपास के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही हवाओं की रफ्तार में इजाफा होकर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे मौसम में मछुआरों और छोटे नाव संचालकों को विशेष सावधानी बरतें की जरूरत है। समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनी जरूर देखनी चाहिए।
उत्तर भारत से मानसून की वापसी
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी लगातार जारी है। मानसून की वापसी की रेखा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। इसका मतलब है कि देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो रही हैं।
हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश और गरज-चमक जारी रह सकती है। पश्चिमी विक्षोभ अब पश्चिमी राजस्थान के मध्य हिस्सों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से मध्य और ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच एक ट्रफ भी बनी हुई है। इस मौसम प्रणाली के कारण पश्चिमी राजस्थान और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
देश के कई इलाकों में तापमान में बदलाव देखने को मिल रहा है। असम और मेघालय में कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।
झारखंड, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहा। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, गुजरात, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य के आसपास बना रहा।
28 सितंबर, 2026 को राजस्थान के फलोदी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं देहरादून-मोकामपुर में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
किसानों और लोगों के लिए सावधानी
बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को फसल की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खेतों में जलभराव होने पर अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें। कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें और सुरक्षित, सूखी जगह रखें। आंधी या बारिश के दौरान खेतों में काम करने से बचें। कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव मौसम साफ होने के बाद ही करें। कमजोर पौधों और पेड़ों को सहारा दें। मौसम खराब होने पर लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास न जाएं। आकाशीय बिजली के दौरान किसान खेतों में काम न करें।