उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई अन्य राज्यों में भी वर्षा का पूर्वानुमान। 
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आज का मौसम: कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, राजस्थान में धूल भरी आंधी का खतरा

कई राज्यों में वर्षा-बौछारें, गरज-चमक व आंधी; उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना व विदर्भ में लू का प्रकोप।

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ और सक्रिय मानसून के असर से कई राज्यों में बारिश, आंधी और गरज-चमक के आसार।

  • दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट।

  • राजस्थान के कई इलाकों में धूल भरी आंधी और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चलने का अंदेशा।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई अन्य राज्यों में भी वर्षा का पूर्वानुमान।

  • अगले चार से पांच दिनों में तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में मानसून आगे बढ़ सकता है।

देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा आज, 17 जून 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ, ऊपरी हवाओं के चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बढ़ने से देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके चलते कई राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली-एनसीआर में आज, 17 जून 2026 को गरज के साथ बारिश-बौछारें और आंधी आने की आशंका जताई गई है। विभाग की मानें तो कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार के 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं। राजधानी में अधिकतम तापमान के 35 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान के 27 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है। वहीं आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है।

हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी का अलर्ट

आज, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अंदेशा जताया है। वहीं हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग के द्वारा लोगों को खराब मौसम के दौरान खुली जगहों पर जाने से बचने और बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

राजस्थान में धूल भरी आंधी और तूफानी हवाओं की चेतावनी

राजस्थान के कई इलाकों में मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। राज्य के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी आने की आशंका है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने का भी अंदेशा जताया गया है। ऐसे मौसम में दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।

कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश

मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज, 17 जून, 2026 को बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, विदर्भ, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इन राज्यों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है।

कहां हैं भारी बारिश के आसार?

मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा असम और मेघालय, बिहार, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश की आशंका है। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन सभी राज्यों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।

मानसून की आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां

दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा वर्तमान में अरब सागर से होते हुए हरनई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फुलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर तक बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून के और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून आगे बढ़ सकता है।

मानसून की प्रगति से इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में मदद मिलेगी। लंबे समय से बारिश की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रों को भी इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य भारत में 19 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र में 19 जून तक तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिसके बाद इसमें कमी आने की संभावना है।

कल, 16 जून 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान विदर्भ के अमरावती में 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कुछ राज्यों में लू व उमस भरे मौसम का असर जारी

हालांकि देश के कई इलाकों में मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में अभी भी लू चलने की आशंका बनी हुई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। लोगों को दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की जानकारी पर लगातार नजर रखें। तेज हवा और बारिश की आशंका वाले इलाकों में कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुओं को खुले स्थानों में न बांधें और उन्हें सुरक्षित आश्रय में रखें।

आम लोगों को भी आंधी, बिजली और भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। खराब मौसम के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहना सुरक्षित रहेगा।

कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम सक्रिय रहने वाला है। कहीं बारिश से राहत मिलेगी तो कहीं तेज हवाएं और गरज-चमक लोगों की परीक्षा ले सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना सबसे जरूरी है।