कई राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका जताई गई है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, 13 जिलों में करीब 34.31 लाख लोग प्रभावित, गंगा का जलस्तर खतरे की ओर बढ़ा।
दिल्ली में मौसम साफ रहने का अनुमान, तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं से गर्मी में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गर्मी और उमस बढ़ेगी, कुछ जगह तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक रहेगा।
किसानों को जलभराव से फसल बचाने, पशुओं को सुरक्षित रखने और खराब मौसम में खेती संबंधी काम रोकने की सलाह दी गई।
देश के कई इलाकों में अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के द्वारा नौ सितंबर, 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, मानसून ट्रफ फिरोजपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, लखनऊ, पटना, बांका, दीघा होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से तक बनी हुई है। इसके कारण पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
वहीं, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दोनों मौसमी प्रणालियां के कारण उत्तर के पहाड़ी इलाकों व उत्तर प्रदेश तथा बिहार के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर हो सकता है।
कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने आज, नौ सितंबर, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अंदेशा जताया है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
दिल्ली में बारिश के आसार कम, हवाओं से मिलेगी राहत
दिल्ली और एनसीआर में बुधवार, नौ सितंबर को मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। आसमान में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं। दिन के समय उत्तर-पश्चिम दिशा से 20 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस सप्ताह तापमान में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जबकि भारी बारिश की संभावना कम है।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। राज्य के 13 जिलों में करीब 34.31 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिलों में बाढ़ का असर देखा जा रहा है।
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर मंगलवार को बाढ़ के निशान को पार कर गया। इसके बाद नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने आज भी बिहार के कई जिलों में भारी बारिश तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने का खतरा
कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं आज, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, मध्य प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में आंधी तूफान के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। आंधी और बिजली चमकने के दौरान घर के अंदर रहना अधिक सुरक्षित है।
तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश और केरल में कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम बने रहने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों को पर्याप्त पानी पीने और तेज गर्मी में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
कई राज्यों में दिन और रात का तापमान सामान्य से ज्यादा
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रह सकता है। यानी इन इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक गर्मी महसूस हो सकती है।
वहीं कई राज्यों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज हुआ।
आठ सितंबर, 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के वेल्लोर में दर्ज किया गया। वहीं भारत के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज हुआ।
किसानों के लिए सावधानी जरूरी
भारी बारिश की आशंका वाले इलाकों में किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव के लिए नालियों की व्यवस्था करनी चाहिए। जहां खेतों में पहले से पानी जमा है, वहां अतिरिक्त पानी निकालने का प्रयास करना जरूरी है। कटाई के बाद खुले में रखी फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना चाहिए।
तेज हवा और बारिश के दौरान कीटनाशक या उर्वरक का छिड़काव करने से बचना चाहिए। पशुओं को भी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखना जरूरी है।
मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी
मौसम विभाग ने अरब सागर के कुछ हिस्सों में मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। सोमालिया के तट और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा ओमान के तट से लगे पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 11 सितंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों और किसानों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर रखनी चाहिए। बाढ़, आंधी या तेज बारिश की स्थिति में लापरवाही से बचते हुए समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचना ही सबसे बेहतर उपाय है।