आज, 30 मई को जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।  फोटो: दयानिधि
मौसम

कई राज्यों में 5 से 7 डिग्री गिरा पारा, गर्मी से राहत; भारी बारिश, आंधी व ओलावृष्टि का खतरा बरकरार

पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर से उत्तर, पूर्व, मध्य व दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की आशंका।

Dayanidhi

  • उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी, गरज-चमक और ओलावृष्टि की चेतावनी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • बिहार, ओडिशा और अंडमान-निकोबार के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका।

  • राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

  • दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

  • तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद लू का असर बना रह सकता है।

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और देश के अलग-अलग इलाकों में जारी ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि होने की आशंका है। मौसम विभाग ने आज सुबह, 30 मई, 2026 को जारी अपने ताजा अपडेट में लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी-तूफान और बारिश

आज, 30 मई को जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं मैदानी इलाकों जैसे उत्तर प्रदेश में 31 मई को तथा राजस्थान में 31 मई से 2 जून तक बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं।

विभाग की मानें तो आज, 30 मई, 2026 को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में तेज आंधी चल सकती है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इन राज्यों में ओलावृष्टि का भी अंदेशा जताया गया है। राजस्थान के कई इलाकों में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, आज 30 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। भारी बारिश के लिए यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर

विभाग ने अपने पूर्वानुमान में 30 मई से दो जून, 2026 के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और कर्नाटक के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में 30 मई से एक जून तक कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

वहीं, केरल, माहे और लक्षद्वीप में 31 मई से चार जून तक भारी बारिश का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।

पूर्वी भारत में भारी से बहुत भारी बारिश

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 30 मई से चार जून तक भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि 30 मई को बिहार, ओडिशा और अंडमान-निकोबार के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

ओडिशा में 30 मई को तेज आंधी की चेतावनी दी गई है। यहां हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बिहार और झारखंड में भी तेज हवाओं के साथ गरज-चमक होने की आशंका है।

मध्य भारत में भी असर

30 मई से दो जून, 2026 के बीच मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मौसम खराब रह सकता है। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि होने की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 31 मई और एक जून, 2026 के बीच भारी बारिश हो सकती है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

इन राज्यों में विभग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम को देखते हुए अपनी कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं और फसलों को सुरक्षित रखें।

गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश बढ़ेगी

गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और कोंकण-गोवा में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 31 मई से दो जून, 2026 के बीच भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, इन राज्यों में तापमान में भी धीरे-धीरे कमी देखने को मिलेगी, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल

दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून अरब सागर, लक्षद्वीप के इलाकों और बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे दक्षिण और पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

तापमान में आएगी गिरावट

उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। मध्य भारत और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी तापमान में कमी आने की संभावना है। गुजरात में भी अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। हालांकि देश के अधिकांश इलाकों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

कुछ राज्यों में लू या हीटवेव का असर

बारिश और आंधी के बीच कुछ राज्यों में गर्मी का असर भी बना रहेगा। तेलंगाना और पश्चिमी मध्य प्रदेश में लू या हीटवेव चलने का अंदेशा जताया गया है। कल यानी, 29 मई को विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में लोगों को लू से दो चार होना पड़ा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में कम निकलने और दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने, बिजली गिरने के समय खुले मैदानों से दूर रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे कटाई की गई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें।

आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने वाला है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही किसी भी संभावित नुकसान को कम करने का सबसे अच्छा उपाय होगी।