तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी। 
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दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से विदाई, दक्षिण में बहुत भारी बारिश, इन राज्यों में गरज के साथ बौछारें

दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी, दक्षिण भारत में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी

Dayanidhi

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून की देश से विदाई, लेकिन दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अंदेशा।

  • दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने, हल्की बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने के आसार।

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी।

  • आंध्र प्रदेश, केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका, निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा।

  • राजकोट में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री दर्ज, कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान और कोंकण-गोवा में उमस भरी गर्मी के आसार।

देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा 16 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, देश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

पूर्वोत्तर मानसून व अन्य मौसमीय प्रणालियों के चलते दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश का जोर देखने को मिल सकता है, जबकि दिल्ली-एनसीआर में भी बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, हल्की बारिश के आसार

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ हिस्सों में बहुत हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दिन में मौसम सुहावना लग सकता है।

मौसम विभाग ने उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश व 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। वहीं आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश व बौछारें पड़ने तथा ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है।

दक्षिण भारत में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

पूर्वोत्तर मानसून व अन्य मौसमी प्रणालियों के चलते आज, 16 अक्टूबर, 2026 को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के साथ दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, उत्तर आंतरिक कर्नाटक सहित कई इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं आज, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में वज्रपात का भी अंदेशा जताया गया है।

कई जिलों में जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा

दक्षिण भारत में लगातार बारिश के कारण कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है। तमिलनाडु के इरोड, नीलगिरि, थेनी, विलुप्पुरम और कुड्डालोर जिलों में अचानक बाढ़ या फ्लैश फ्लड का खतरा जताया गया है। वहीं, केरल के एर्नाकुलम और पलक्कड़ तथा कर्नाटक के कोडागु और चिक्कमगलुरु जिलों में भी अगले 24 घंटों के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को पानी भरने की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

तापमान में उतार-चढ़ाव व उमस भरी गर्मी का सितम जारी

कोंकण और गोवा में कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, कोंकण और गोवा, विदर्भ तथा तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया जा रहा है। वहीं, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल में उप-हिमालयी क्षेत्र, सिक्किम, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक रहा।

15 अक्टूबर, 2026 को गुजरात के राजकोट में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री, जबकि असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कराईकल और कोयंबटूर के पीलेमेडु में दोनों जगह 60 मिमी वर्षा हुई। वहीं, रायलसीमा के तिरुपति में 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के बेंगलुरु में 30 मिमी बारिश दर्ज हुई।

किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सलाह

भारी बारिश की आशंका वाले इलाकों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव मौसम अनुकूल होने तक टालना बेहतर होगा। कटी हुई फसल को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखें तथा कृषि उपकरणों और अस्थायी ढांचों को तेज हवाओं से बचाकर रखें।

आम लोगों को आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। खुले मैदानों और जलाशयों से दूर रहें तथा संभव हो तो किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लें। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचें।

कुल मिलाकर, दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बावजूद देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।