मौसम विभाग के द्वारा आज, 19 मार्च, 2025 की सुबह को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ, ओडिशा, तेलंगाना, रायलसीमा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया जा रहा है।
वहीं, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में गंगा के अलग-अलग मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री सेल्सियस ऊपर रिकॉर्ड किया जा रहा है।
वहीं, देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 18 मार्च, 2025 को रायलसीमा के कुरनूल में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
आने वाले दिनों में तापमान में उतार चढ़ाव की बात करें तो अगले तीन दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं।
वहीं,अगले 24 घंटों के दौरान मध्य भारत और आंतरिक महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के दो से पांच दिनों के दौरान दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के दो दिनों के दौरान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का पूर्वानुमान है।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान गुजरात के तटीय इलाकों में तथा 19 और 20 मार्च के दौरान आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम से छुटकारा मिलने के आसार नहीं हैं।
कहां होगी गरज के साथ बारिश-बर्फबारी व कहां गिरेगी बिजली?
मध्य और पूर्वी भारत में बंगाल की खाड़ी के निचले स्तरों पर हवाएं तेजी से आपस में मिल रही हैं, इसके कारण 19 से 22 मार्च के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश व वज्रपात होने की आशंका जताई गई है।
वहीं 20 से 22 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तथा 21 और 22 मार्च को बिहार में, 20 और 21 मार्च को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तथा 21 और 22 मार्च को विदर्भ में तेज हवाओं के साथ बारिश व बिजली गिरने के आसार जताए गए हैं।
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तराखंड में बीते कुछ दिनों से मौसम ने करवट बदली है। पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी के कारण एक बार फिर सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं मैदानी इलाकों में दिन में तेज धूप के चलते गर्मी का अहसास हो रहा है। सुबह और शाम के समय पहाड़ी इलाकों में सर्द हवाएं चलने से ठंडक जारी है, दिन में धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी देखी जारी रही है।
एक और पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में अब भी कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अभी ठंड के और भी ज्यादा बढ़ने के आसार हैं, क्योंकि हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले हिस्सों में आज से हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि अगले तीन दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने का पूर्वानुमान है। जिसके चलते ऊंचाई वाले हिस्सों में 21 मार्च तक हल्की बर्फबारी जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज सतही हवाओं का दौर जारी है। वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कल हल्की बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
राष्ट्रीय राजधानी में आज और कल यानी 19 व 20 मार्च को दिन के समय तेज सतही हवाओं का दौर जारी रहेगा। आज यहां न्यूनतम तापमान के 16 डिग्री और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है, कल न्यूनतम तापमान के बढ़कर 18 डिग्री और अधिकतम तापमान के 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वोत्तर भारत में मौसम संबंधी बदलाव को लेकर मौसम विभाग का पूर्वानुमान देखें तो, पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों के निचले स्तरों पर एक चक्रवाती प्रसार लगातार बना हुआ है। इसकी वजह से अगले पांच दिनों के दौरान अरुणाचल प्रदेश में बिजली गिरने, तेज तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।
वहीं, अगले पांच दिनों के दौरान असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ बारिश व बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।
दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव
दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव की बात करें तो, दक्षिण तमिलनाडु पर एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। मराठवाड़ा से दक्षिण तमिलनाडु तक, निचले स्तरों में आंतरिक कर्नाटक से होते हुए चल रही हवाओं के ट्रफ में गड़बड़ी जारी है।
इनके प्रभाव से आज, 19 मार्च, 2025 को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में गरज के साथ बादलों के जमकर बरसने तथा बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है, इन हिस्सों में 70 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल।
कल कहां हुई बारिश व बर्फबारी?
कल, 18 मार्च को उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों तथा हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। वहीं कल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में बादल बरसे या गरज के साथ बौछारें पड़ी।