मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी है, जिससे उत्तर भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश का इंतजार बढ़ गया है।
बिहार और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, जबकि पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश और तेज हवाओं से गर्मी व उमस से राहत मिली, अगले 24 घंटे भी बारिश के आसार।
कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं का अलर्ट, मछुआरों को समुद्र में न जाने की मौसम विभाग ने सलाह।
देश के कई इलाकों में इस समय दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार, 14 जुलाई 2026 की सुबह जारी ताजा मौसम बुलेटिन में बताया कि फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। इसके चलते उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में बारिश का दौर थम गया है और लोगों को अच्छी बारिश के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए बारिश, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और गर्म मौसम को लेकर अलग-अलग चेतावनी जारी की है।
मानसून ट्रफ की स्थिति से प्रभावित हो रहा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर, चूरू, लखनऊ, पटना, बांकुड़ा और डायमंड हार्बर से होते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। वहीं उत्तर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अभी भी सक्रिय है और यह समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा उत्तर गुजरात और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आसपास भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दूसरी ओर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि इन मौसमीय प्रणालियों के कारण देशभर में बारिश का वितरण समान नहीं है। कुछ राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है, जबकि कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां काफी कम हो गई हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश से मिली राहत
सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह दिल्ली और एनसीआर के कुछ हिस्सों में हुई हल्की से मध्यम बारिश ने लोगों को उमस और भीषण गर्मी से मामूली राहत दी। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और सुबह का मौसम सुहावना रहा। राजधानी के कई इलाकों में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही।
हालांकि कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी देखने को मिली, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजधानी में आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बिहार और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने बिहार और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में बारिश के किए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इन राज्यों के निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट
वहीं आज, 14 जुलाई, 2026 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कर्नाटक और ओडिशा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बौछारों के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
कई राज्यों में गर्मी का असर बरकरार
बारिश की कमी के कारण देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है। मराठवाड़ा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। इसके अलावा ओडिशा, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी सामान्य से अधिक गर्मी बनी हुई है।
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव या लू चलने की आशंका जताई है। वहीं ओडिशा, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
कल, 13 जुलाई, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस आंध्र प्रदेश के बापटला में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस मध्य प्रदेश के खरगोन में रिकॉर्ड किया गया।
समुद्र में न जाएं मछुआरे
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, साथ ही इस दौरान इनकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है।
ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने का सुझाव दिया गया है। समुद्र में पहले से मौजूद नावों और नौकाओं को भी सुरक्षित स्थानों पर लौटने की सलाह दी गई है।
लोगों और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें और प्रशासन की सलाह का पालन करें। जहां गर्मी अधिक है वहां पर्याप्त पानी पीते रहें और दोपहर के समय धूप में निकलने से बचें।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार हैं वहां खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें। पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। बारिश और तेज हवाओं के दौरान उर्वरक तथा कीटनाशकों का छिड़काव न करें। पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें तथा बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। मौसम साफ होने के बाद ही कृषि कार्य दोबारा शुरू करें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन और प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट का पालन करें, ताकि किसी भी संभावित मौसम संबंधी जोखिम से सुरक्षित रहा जा सके।