बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान, छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट। फोटो साभार: आईस्टॉक
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भारी बारिश के कारण छत्तीसगढ़, ओडिशा, यूपी, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा

कम दबाव के क्षेत्र के असर से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में फ्लैश फ्लड का खतरा, उत्तराखंड में भी बढ़ी चिंता

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान।

  • छत्तीसगढ़ में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा, प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • ओडिशा के बालासोर, मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़ और संबलपुर में फ्लैश फ्लड का खतरा, तेज हवाओं के साथ बारिश की आशंका।

  • बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा।

  • किसानों को फसल सुरक्षित रखने, खेतों में जल निकासी करने और बिजली चमकने तथा तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह।

बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब भी सक्रिय है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, एक सितम्बर,2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, यह प्रणाली पश्चिम बंगाल और उत्तर तटीय ओडिशा के आसपास बनी हुई है। इसके साथ ऊंचाई तक फैला चक्रवाती परिसंचरण भी मौजूद है। आने वाले 24 घंटों में इस प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने का पूर्वानुमान है। इसके कारण ओडिशा व छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

मानसून की मुख्य ट्रफ इस समय अमृतसर, चंडीगढ़, बरेली, गोरखपुर और पटना से होते हुए पश्चिम बंगाल तथा उत्तर तटीय ओडिशा के पास अच्छी तरह बने कम दबाव के क्षेत्र से गुजर रही है। इसके बाद यह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है। जिससे कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं, उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी इलाकों में मौसम बदल सकता है।

कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

कम दबाव वाले क्षेत्र का असर कई राज्यों में बना हुआ है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में बेहद भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने यहां ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। छत्तीसगढ़ में 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।

मौसम विभाग ने अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही, बलरामपुर, कोरिया, सरगुजा, मनेंद्रगढ़-भरतपुर, सूरजपुर, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, बलौदा बाजार और रायपुर जिले में अचानक बाढ़ की आशंका जताई है।

विभाग ने ओडिशा में अलग-अलग इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

कम दबाव वाले क्षेत्र की स्थिति को देखते हुए उत्तर ओडिशा के जिलों पर खास नजर रखी जा रही है। मौसम विभाग ने बालासोर, मयूरभंज, क्योंझर, सुंदरगढ़ और संबलपुर में अगले 24 घंटों के दौरान अचानक बाढ़ के खतरे का अंदेशा जताया है।

वहीं आज, एक सितम्बर,2026 को बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में भी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिम उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की आशंका जताई है। इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इन राज्यों में भी जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया गया है।

कई अन्य राज्यों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा

मौसम विभाग ने कई राज्यों के अलग-अलग जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड के कई जिलों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा जताया गया है।

उत्तर भारत के जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में भी अचानक बाढ़ के खतरे का अंदेशा जताया गया है। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। इसके साथ ही भूस्खलन और सड़क बाधित होने की समस्या भी पैदा हो सकती है।

कहां रहा सामान्य से अधिक तापमान?

मौसम विभाग के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। असम-मेघालय, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, रायलसीमा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और केरल में भी कुछ जगहों पर तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

रात का तापमान भी बढ़ा

वहीं, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम, बिहार, पूर्वी एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। यानी इन राज्यों में रात के समय भी गर्मी सामान्य से ज्यादा रही।

मदुरै में 40.2 डिग्री तापमान

मैदानी इलाकों में 31 अगस्त, 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के मदुरै, में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज हुआ।

किसानों और लोगों से सावधानी बरतने की अपील

लगातार बारिश को देखते हुए किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें। कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। खेतों में अनावश्यक सिंचाई न करें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खुले खेत में काम करने से बचें। कीटनाशक और उर्वरक का प्रयोग बारिश रुकने के बाद ही करें।

मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचना जरूरी है। बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर खड़े रहना भी खतरनाक हो सकता है।

छत्तीसगढ़ व ओडिशा में अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ने के साथ बारिश का असर बदल सकता है। ऐसे में खासकर उत्तर ओडिशा के लोगों को बारिश, तेज हवा और अचानक बाढ़ की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।