राजस्थान, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा और ओडिशा में भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह। फोटो साभार: आईस्टॉक
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राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में बारिश का रेड अलर्ट, जानें पूरे देश के मौसम का हाल

राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश का पूर्वानुमान, कई राज्यों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं चलने का अंदेशा

Dayanidhi

  • दक्षिण-पूर्व राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र से कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा।

  • राजस्थान, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण-गोवा और ओडिशा में भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह।

  • दिल्ली-एनसीआर में आज घने बादल, हल्की बारिश और बूंदाबांदी के आसार, उमस के बावजूद गर्मी से मिलेगी राहत।

  • उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून फिर सक्रिय, अगले 24 घंटों में कई राज्यों में तेज बारिश संभव।

  • कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान।

देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से शुक्रवार सुबह, 24 जुलाई 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र शुक्रवार सुबह भी उसी जगह पर बना रहा। इसके साथ ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।

इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ का असर भी जारी है। इन सभी मौसमीय प्रणालियों के मिले-जुले असर से उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

मानसून ट्रफ से बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ इस समय डीसा से होकर दक्षिण-पूर्व राजस्थान, सतना, रांची और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके कारण कई राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ हिस्सों में भारी और बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं। जिन क्षेत्रों में पहले से अच्छी बारिश हो चुकी है, वहां जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए शुक्रवार का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दोनों तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने के कारण तेज गर्मी महसूस नहीं होगी।

हालांकि सुबह के समय हवा में नमी 80 प्रतिशत या उससे अधिक रहने का अनुमान है। इसके कारण लोगों को उमस का अहसास होगा और वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हो सकती है। दोपहर बाद बादलों और हल्की बारिश के कारण मौसम में राहत मिलने की उम्मीद है।

राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने आज, 24 जुलाई, 2026 को पूर्वी राजस्थान, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी तथा कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। विभाग ने इन राज्यों के कई इलाकों में ऑरेंज तथा कुछ हिस्सों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।

वहीं आज, पश्चिमी राजस्थान, कोंकण और गोवा तथा ओडिशा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

इसके अलावा आज, मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, असम और मेघालय, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और तटीय कर्नाटक में बादलों के जमकर बरसने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इन राज्यों में लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आंधी, बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा

वहीं आज, कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा है।

वहीं बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, केरल, तटीय कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित कई राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक

देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने के बावजूद तापमान में असामान्य बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया है। वहीं असम और मेघालय तथा जम्मू और कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में भी दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।

रात के तापमान में भी कई राज्यों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम एवं पूर्वी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया है। इसके कारण इन इलाकों में रात के समय भी लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।

मदुरै सबसे गर्म, बौध रहा सबसे ठंडा

कल, 22 जुलाई 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश के मैदानी इलाकों में तमिलनाडु के मदुरै में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं ओडिशा के बौध में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह दर्शाता है कि मानसून के दौरान भी देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में काफी अंतर बना हुआ है।

लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। भारी बारिश के समय जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। वाहन चालकों को फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाने की सलाह दी गई है।

किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने, भारी बारिश वाले इलाकों में सिंचाई रोकने तथा उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव बारिश थमने के बाद करने की सलाह दी गई है। कटाई के लिए तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें और पशुओं को सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर बांधें।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।