दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय, अगले दो से तीन दिनों में गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना।
गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई अन्य राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश से भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा, लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र उफान पर, कई तटीय राज्यों के मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार, तीन जुलाई 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने के आसार हैं।
गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में बारिश का रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भीषण बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी भरने और छोटी नदियों-नालों के उफान पर आने का खतरा बना रहेगा।
इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, तटीय कर्नाटक, केरल और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं आज, तीन जुलाई, 2026 को असम और मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, जम्मू और कश्मीर तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी
बारिश के साथ कई राज्यों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। वहीं बिहार, असम और मेघालय, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित कुछ अन्य राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा करने से भी बचना चाहिए।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई स्थानों पर सड़कें बाधित हो सकती हैं और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों को खेतों में जल निकासी पर देना होगा ध्यान
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। जिन फसलों की कटाई पूरी हो चुकी है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखकर बारिश से बचाना जरूरी होगा। भारी बारिश के पूर्वानुमान वाले क्षेत्रों में फिलहाल सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टालने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने, सूखा चारा उपलब्ध कराने और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने को कहा गया है। तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए बागवानी और सब्जी की फसलों को सहारा देकर सुरक्षित रखना लाभदायक रहेगा।
मछुआरों को समुद्र में न जाने का सुझाव
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में अगले कुछ दिनों तक समुद्र उफान पर रहने के आसार हैं। कई समुद्री इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कहीं-कहीं हवाओं की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मौसम विभाग ने गुजरात, कोंकण-गोवा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और अंडमान सागर के आसपास के मछुआरों को समुद्र में नह जाने की सलाह दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें जल्द सुरक्षित तट पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।
तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, आठ जुलाई तक देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं कल, दो जुलाई, 2026 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा के नारनौल में मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अरुणाचल प्रदेश और असम और मेघालय के कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है।
कई शहरों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मुंबई, पणजी, इंदौर, भोपाल, जयपुर, अजमेर, सतना, भुवनेश्वर, कोझिकोड, मैंगलुरु, प्रयागराज, कोलकाता, अंबिकापुर और दाल्टनगंज सहित कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कुछ स्थानों पर जलभराव के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी बरतने से दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है। अगले कुछ दिन कई राज्यों के लिए मौसम के नजरिए से संवेदनशील रहेंगे, इसलिए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।