आज, 22 अक्टूबर, 2026 को केरल और माहे के साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

दक्षिण में लो-प्रेशर, उत्तर-पश्चिम में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बारिश के आसार

केरल और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका, अंडमान सागर से उठेगी नई मौसमी प्रणाली; 24 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

Dayanidhi

  • दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार वर्षा की आशंका।

  • बंगाल की खाड़ी में 23 अक्टूबर के आसपास नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार।

  • अंडमान सागर से आगे बढ़ेगा ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण, नई मौसमी प्रणाली हो सकती है मजबूत।

  • उत्तर-पश्चिम भारत में 24 अक्टूबर से पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक, कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना।

  • कोंकण-गोवा में उमस भरा मौसम, राजकोट में 40.4 डिग्री तापमान और मंडी में न्यूनतम 11.1 डिग्री दर्ज।

देश के अलग-अलग इलाकों में तीन मौसमी प्रणलियों से बदलेगा मौसम का रंग। कहीं बारिश की झड़ी लगने की संभावना है, तो कहीं गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से आज, 22 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणालियां दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखा सकता है।

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र

दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस प्रणाली के पहले पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में और फिर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 22 अक्टूबर तक सोमालिया के तट की ओर जाने के आसार हैं।

बंगाल की खाड़ी में फिर बनेगा कम दबाव का क्षेत्र

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु के आसपास भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। यहां बना कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसका असर तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है।

इसी बीच, थाईलैंड और म्यांमार के आसपास सक्रिय रहा ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण आगे बढ़कर उत्तरी अंडमान सागर तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी। इसके कारण 23 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके बाद इस प्रणाली के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए और मजबूत होने के आसार हैं।

केरल और तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने आज, 22 अक्टूबर, 2026 को केरल और माहे के साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। विभाग ने इन सभी राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। वहीं, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

बारिश के साथ-साथ आज, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। वहीं आज, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, लक्षद्वीप, आंतरिक कर्नाटक, अंडमान-निकोबार और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।

तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। केरल तट, लक्षद्वीप, मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण तमिलनाडु तट के आसपास 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने का अंदेशा जताया गया है। इन तूफानी गतिविधियों को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों और नाविकों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी है।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ देगा दस्तक

दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से गरज-चमक के साथ बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

कोंकण और गोवा में गर्मी के साथ उमस करेगी परेशान

मौसम विभाग के मुताबिक, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं। ऐसे में लोगों को दिन के समय चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। उमस के कारण सामान्य तापमान में भी गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है।

कहां पहुंचा तापमान सामान्य से ऊपर?

पूर्वोत्तर भारत के असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा ऊपर दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी असामान्य बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। असम और मेघालय के अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। इससे इन इलाकों में रात के समय भी सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस हो सकती है।

राजकोट में 40.4 डिग्री तक पहुंचा पारा, मंडी में सबसे कम न्यूनतम तापमान

21 अक्टूबर 2026 को गुजरात के राजकोट में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

आम लोगों और किसानों के लिए मौसम विभाग का सुझाव

भारी बारिश की आशंका वाले राज्यों में लोग मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहें। जलभराव वाले रास्तों और उफनते नालों को पार करने से बचें। किसान खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और कटी हुई फसलों तथा कृषि उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवाओं के दौरान फसलों, पशुओं और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में दक्षिण भारत और बंगाल की खाड़ी से जुड़े इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। लोगों को सलाह है कि स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान जरूरी सावधानी बरतें।