मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए पूरे दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिनभर गरज-चमक के साथ बारिश होने और 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।  फोटो साभार: आईस्टॉक
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देशभर में झमाझम बारिश, दिल्ली समेत कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट, मुंबई में 27 साल का रिकॉर्ड टूटा

अगले तीन दिनों में पूरे देश में छा जाएगा मानसून, विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया

Dayanidhi

  • अगले दो से तीन दिनों में मानसून पूरे देश में पहुंचने की संभावना, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी।

  • दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश से गर्मी से राहत, जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोगों की बढ़ीं मुश्किलें।

  • मुंबई में एक जून से अब तक 27 वर्षों की सबसे अधिक बारिश, जनजीवन और यातायात बुरी तरह प्रभावित।

  • गुजरात के कई शहरों में मूसलाधार बारिश का कहर, सड़कों पर जलभराव और कई वाहन बीच रास्ते में फंसे।

  • मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने तथा भारी बारिश के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी।

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों तक लगातार बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से गुरुवार, नौ जुलाई 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी पहुंच जाएगा। इसके साथ ही पूरे देश में मानसून का आगमन पूरा हो जाएगा। कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, गर्मी से राहत, जलभराव से यातायात प्रभावित

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में गुरुवार, नौ जुलाई, 2026 को सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। तापमान में करीब पांच से छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कई इलाकों में जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विभाग ने दिल्ली के लिए पूरे दिन का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। अधिकतम तापमान के 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान के 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मुंबई में बारिश ने तोड़ा 27 साल का रिकॉर्ड

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में इस बार मानसून ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से शहर की रफ्तार थम सी गई है। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है। लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं और कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने और भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। एहतियात के तौर पर कई स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से सात जुलाई के बीच मुंबई में करीब 1,240 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पिछले 27 वर्षों में इस अवधि के दौरान यह सबसे अधिक बारिश है। छह जुलाई तक ही शहर में पूरे मानसून की औसत बारिश का 60 प्रतिशत से अधिक पानी बरस चुका था। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

गुजरात में मानसून का कहर, कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

गुजरात में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। वडोदरा, सूरत, वापी और नवसारी सहित कई शहरों में मूसलाधार बारिश के कारण सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई इलाकों में सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वे नदी जैसी दिखाई देने लगीं। जलभराव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं तेज बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मध्य भारत में सक्रिय है कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 9.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। यह मौसम प्रणाली पहले उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी और बाद में उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ सकती है। इसी प्रणाली के प्रभाव से मध्य भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है।

इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय बना हुआ है, जिससे बारिश की गतिविधियों को और बल मिल रहा है।

आज कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है।

इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आज, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, गुजरात, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा

मौसम विभाग ने कहा है कि बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। वहीं राजस्थान, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर और आंध्र प्रदेश में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है

तापमान में आई गिरावट

लगातार बारिश के कारण देश के कई इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है। कल, आठ जुलाई 2026 को मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के जैसलमेर में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

लोगों और किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले इलाकों में जाने से परहेज करें। गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करें।

किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान सिंचाई, उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव फिलहाल टाल देना चाहिए। पशुओं को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें तथा सब्जियों और बागवानी फसलों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें।

देशभर में सक्रिय मानसून के कारण अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों और किसानों को सतर्क रहने तथा मौसम विभाग की ताजा जानकारी और चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखने की जरूरत है।