उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का अनुमान, तेज हवाएं बढ़ाएंगी मौसम की चुनौती।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह-रात ठंडक बढ़ी, दिन में गर्मी बरकरार; कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना।
केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट, कई जगहों पर तेज हवाएं और वज्रपात का खतरा।
पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान के आसार, कई इलाकों में बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई।
मानसून की वापसी तेज, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ के साथ तेलंगाना व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अगले कुछ दिनों में विदाई संभव।
अक्टूबर का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही मौसम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। कहीं सुबह की हल्की ठंडक दस्तक दे रही है तो कहीं बारिश और आंधी का दौर जारी है। पहाड़ों पर मौसम करवट ले रहा है और ऊंची चोटियों पर बर्फबारी के आसार हैं। वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
देश के कुछ हिस्सों के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी अब तक कायम है। इसके कारण कई इलाकों में बादल बनने, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
क्या कहता है दिल्ली-एनसीआर का मौसम?
दिल्ली-एनसीआर में सुबह और रात के तापमान में हल्की गिरावट के कारण मौसम में ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है। हालांकि दोपहर में गर्मी अभी भी परेशान कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार, आठ अक्टूबर 2026 को राजधानी का आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दिन में दक्षिण-पूर्वी दिशा से 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इससे गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। हालांकि दोपहर की तपिश अभी पूरी तरह विदा होने के मूड में नहीं है।
मौसम विभाग ने आज, दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बौछारें पड़ने और बिजली चमकने की आशंका जताई है। बारिश कुछ हिस्सों तक ही सीमित रह सकती है। सुबह की ठंडी हवा, दिन की गर्मी और बादलों की आवाजाही अक्टूबर के बदलते मिजाज की झलक दे रही है। आने वाले दिनों में सुबह और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। यानी ठंड ने अभी दरवाजे पर दस्तक दी है, लेकिन घर के अंदर आने में उसे थोड़ा वक्त लगेगा।
तेज हवाओं ने दिल्ली की हवा को दी थोड़ी राहत
दिल्ली की हवा के लिए भी बुधवार का दिन कुछ राहत लेकर आया। तेज हवाओं के कारण वातावरण में जमा प्रदूषक कणों के फैलाव में मदद मिली और वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार दर्ज किया गया। हालांकि यह राहत कितने समय तक बनी रहती है, यह आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
पहाड़ों पर बारिश, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ का असर बरकरार मौसम विभाग के अनुसार, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच बना पश्चिमी विक्षोभ अभी भी सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत, खासकर पहाड़ी इलाकों के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में मौसम ने खासा करवट ली है। गुरुवार को इन राज्यों के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं।
उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी होने के भी आसार जताए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, किन्नौर, मंडी, कांगड़ा, ऊना, चंबा, हमीरपुर, बिलासपुर और सोलन में भी बारिश का अलर्ट है। ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवाएं 55 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं।
जम्मू और कश्मीर में भी बारिश के साथ तेज हवाएं
जम्मू और कश्मीर में भी मौसम बिगड़ने के आसार हैं। मीरपुर, अनंतनाग, जम्मू, पुंछ, किश्तवाड़, उधमपुर, रामबन, शोपियां और राजौरी में बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का असर आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों के तापमान पर भी पड़ सकता है। ऐसे में उत्तर भारत में धीरे-धीरे ठंड की दस्तक और तेज होने की उम्मीद है।
पंजाब से पश्चिमी यूपी तक गरज-चमक
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। पंजाब के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आने का अंदेशा जताया गया है।
वहीं आज, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बिजली चमकने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को सावधान रहने का संकेत दे रहा है।
केरल से सिक्किम तक भारी बारिश का अनुमान
देश के दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में भी बारिश का दौर तेज हो सकता है। केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
आज, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आने का अंदेशा है। वहीं आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, केरल और माहे में कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका है।
विभाग ने आज, असम और मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में भी बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान की आशंका जताई है।
मानसून ने पकड़ी वापसी की राह
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी भी लगातार जारी है। मानसून की वापसी की रेखा अब सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों के साथ तेलंगाना तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से भी मानसून की विदाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। यानी देश के कई हिस्सों में बारिश का मौसम धीरे-धीरे पीछे हट रहा है और ठंड अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में है।
कहीं पारा 39 डिग्री के पार, कहीं 15.5 डिग्री
देशभर में तापमान का मिजाज भी एक जैसा नहीं है। विदर्भ में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से ज्यादा ऊपर दर्ज किया गया है। वहीं असम, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
सात अक्टूबर 2026 को राजस्थान के पिलानी में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलॉन्ग मंय दर्ज हुआ।
कुल मिलाकर अक्टूबर ने अपना रंग बदलना शुरू कर दिया है। दिल्ली में सुबह की ठंडक बढ़ रही है, पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का दौर दस्तक दे रहा है, दक्षिण और पूर्वोत्तर में बादल बरसने को तैयार हैं और मानसून धीरे-धीरे विदाई की राह पकड़ चुका है। मौसम का यह मिला-जुला मिजाज आने वाले दिनों में और दिलचस्प होने वाला है।