पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
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राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र व ओडिशा में बहुत भारी बारिश, जानें अन्य राज्यों के हाल

बंगाल की खाड़ी और मध्य भारत में बने कम दबाव से बारिश तेज, दिल्ली-एनसीआर में उमस, बूंदाबांदी की संभावना, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव के क्षेत्र के अगले 48 घंटे में और सक्रिय होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के आसार।

  • दिल्ली-एनसीआर में आज बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, हल्की बूंदाबांदी और 15 से 20 किमी प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

  • पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

  • मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने के आसार, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • भारी बारिश वाले इलाकों में किसानों को जल निकासी, फसलों की सुरक्षा और पशुओं को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत।

बंगाल की खाड़ी में बने नए कम दबाव का क्षेत्र और मध्य भारत में मौजूद एक अन्य कम दबाव क्षेत्र के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आज, 12 अगस्त, 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में गरज चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मानसून ट्रफ भी सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ इस समय राजस्थान, मध्य प्रदेश, मध्य भारत और बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके अलावा मध्य और उत्तर प्रायद्वीपीय भारत के ऊपर एक शियर जोन भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रह सकती हैं।

मध्य प्रदेश में भी मौसम सक्रिय

पूर्वी राजस्थान और उससे सटे इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में मौजूद है। इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके कारण मध्य प्रदेश, राजस्थान और आसपास के इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इससे तापमान में थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि बारिश कम होने पर उमस बनी रह सकती है

मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

राजधानी में मंगलवार को भी कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। सफदरजंग में करीब 4 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के बावजूद नमी अधिक रहने से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।

कई राज्यों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज, 12 अगस्त, 2026 को पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

इसके अलावा आज, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, कोंकण और गोवा, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश का अंदेशा जताया है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

तेज हवाओं और आकाशीय बिजली से रहें सावधान

पूर्वोत्तर के राज्यों के कुछ हिस्सों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

वहीं आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है। अन्य कई राज्यों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।

विभाग ने बारिश और आंधी के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी है। बिजली चमकने के समय घर के अंदर रहना सुरक्षित रहेगा। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में तापमान सामान्य से ज्यादा

मौसम विभाग के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश तथा असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। वहीं, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी रात का तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया।

वहीं कल, 11 अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस आंध्र प्रदेश के ओंगोल और तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली, में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस महाराष्ट्र के माथेरान में दर्ज हुआ। इससे साफ है कि मानसून के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में काफी अंतर बना हुआ है।

कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार सुबह 8:30 बजे से बुधवार सुबह 5:30 बजे तक देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे अधिक बारिश हुई। गुना जिले के गुना में 120 मिमी और भोपाल के अरेरा हिल्स क्षेत्र में 70 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

कोंकण और गोवा में भी बारिश का असर देखने को मिला। मुंबई के सांताक्रूज में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बारिश हुई। मदुरै में 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत

बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है। भारी बारिश वाले इलाकों में किसान कुछ समय के लिए सिंचाई, खाद और दवाओं के छिड़काव को रोक सकते हैं। तैयार फसल, पशुओं का चारा और कृषि उपकरण सुरक्षित स्थान पर रखना बेहतर रहेगा।

जहां तेज हवाओं की आशंका है, वहां केले, सब्जियों और अन्य कमजोर फसलों को सहारा देना जरूरी है। पशुओं को खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगह पर रखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही लगे रहने का अनुमान है। लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।