तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया। फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर तक मौसम के शुष्क रहने के आसार

दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी, तमिलनाडु में ऑरेंज अलर्ट; अरब सागर में तेज हवाओं का खतरा, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में मौसम के शुष्क रहने के आसार

Dayanidhi

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया।

  • केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का अनुमान, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका।

  • उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताहभर बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं, अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहने के आसार।

  • गुजरात के राजकोट में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री दर्ज, केरल के कोझिकोड में 100 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

देश के दक्षिणी हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज 20 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं, केरल, माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम में इस बदलाव के पीछे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र, देश के कई हिस्सों में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और मौसम तंत्रों की गतिविधियां प्रमुख कारण हैं।

तमिलनाडु में बारिश का जोर, कई राज्यों में गरज-चमक

मौसम विभाग के मुताबिक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। बारिश के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है।

वहीं आज, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

जबकि आज, तटीय आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भी तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति बनने का भी अंदेशा जताया गया है।

आज, 20 अक्टूबर, 2026 को मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, रायलसीमा, पूर्वी राजस्थान और लक्षद्वीप समेत कई राज्यों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बिजली चमकने की आशंका है। आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाओं का दौर के जारी रहने के आसार हैं।

अरब सागर में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र

मौसम में हलचल की एक बड़ी वजह दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह प्रणाली पिछले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ी है और 20 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक उसी क्षेत्र में बनी हुई थी। अगले 12 घंटों तक इसके अपनी मौजूदा तीव्रता बनाए रखते हुए इसी दिशा में आगे बढ़ने के आसार हैं।

इसके बाद 21 अक्टूबर तक यह कमजोर पड़ कर कम दबाव के क्षेत्र के रूप में बना रह सकता है। 22 अक्टूबर को इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। इस मौसम तंत्र के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवाओं की गति में इजाफा होकर इनके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इससे समुद्र में स्थिति प्रतिकूल हो सकती है। इसलिए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

चक्रवाती परिसंचरण भी बदल रहा मौसम का मिजाज

देश के कई इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। ऐसे परिसंचरण वातावरण में नमी और हवा के उठाव को बढ़ावा दे सकते हैं। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर बादल बनते हैं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में जारी बारिश और आंधी की आशंका को समझने में यह मौसम तंत्र भी अहम है।

हालांकि केवल चक्रवाती परिसंचरण की मौजूदगी ही हर जगह बारिश की गारंटी नहीं होती। बारिश की तीव्रता स्थानीय नमी, तापमान और दूसरे मौसमी कारणों पर भी निर्भर करती है।

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर, उत्तर भारत में बड़ी हलचल नहीं

उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ भी अब कमजोर पड़ गया है। पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर करीब 3.1 किमी की ऊंचाई पर बने चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।

इसके चलते मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग हो सकती है।

असामान्य तापमान, बारिश के आंकड़े भी अहम

तापमान के मामले में भी कई इलाकों में असामान्य स्थिति दर्ज की गई है। असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। वहीं, असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी व पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।

19 अक्टूबर, 2026 को गुजरात के राजकोट में देश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

वहीं, 19 अक्टूबर, 2026 की सुबह 8:30 बजे से 20 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, केरल के कोझिकोड में 100 मिमी और तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के टोंडी में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।

लोगों और किसानों के लिए सलाह

तमिलनाडु, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और अन्य प्रभावित राज्यों के लोग भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतें। खराब मौसम में पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से बचें। अनावश्यक यात्रा टालें और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें। किसान खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें तथा कटी हुई फसल और कृषि उपज को सुरक्षित, ढके स्थान पर रखें। तेज हवाओं के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव न करें।

कुल मिलाकर, फिलहाल दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता जरूरी है, जबकि देश के अधिकांश राज्यों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहने का अनुमान है।