ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। फोटो साभार: आईस्टॉक
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ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बरसेंगे बादल

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव से बदला मौसम, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर में भी छाए बादल, हल्की बारिश व तेज हवाओं के आसार

Dayanidhi

  • ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।

  • उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया।

  • दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलेंगी।

  • तटीय आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

  • किसानों और आम लोगों को बारिश, तेज हवाओं, बिजली और जलभराव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय है। इसके प्रभाव से देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 11 सितंबर, 2026 को ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 9.4 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

वहीं, मानसून ट्रफ इस समय जम्मू से शुरू होकर नजीबाबाद, शाहजहांपुर, लखनऊ, डेहरी और रांची होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। इसके बाद यह रेखा पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में मध्य-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बादल, बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

कई राज्यों में येलो अलर्ट

भारी बारिश का असर केवल पूर्वी और तटीय राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, झारखंड, केरल और माहे, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है। इन राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में बादल और हल्की बारिश

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन के तापमान में बदलाव हो सकता है। लोगों को वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड में भारी बारिश से बढ़ सकती हैं मुश्किलें

उत्तराखंड के कई जिलों में भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। देहरादून, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कें प्रभावित हो सकती हैं। भूस्खलन का खतरा बढ़ने के साथ स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं

आज, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक होने के आसार हैं। मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और विदर्भ में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

वहीं आज, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है।

कई इलाकों में तापमान सामान्य से ज्यादा

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। असम और मेघालय, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के भी कुछ जगहों पर भी अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा दर्ज किया गया।

वहीं रात के तापमान में भी कई राज्यों में असामान्य गर्मी रही। असम और मेघालय, पूर्वोत्तर राज्यों, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री से अधिक रहा। यानी इन क्षेत्रों में रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहीं।

10 सितंबर, 2026 को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के पिलानी में दर्ज हुआ। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस महाराष्ट्र के येवतमाल में रिकॉर्ड किया गया।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़ा होना भी सुरक्षित नहीं है। किसानों को बारिश के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए और तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोशिश करनी चाहिए। खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी है।

मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना इस समय सबसे जरूरी है। खासकर ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम में अचानक बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए।