11 जून के बाद पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी राज्यों में बारिश बढ़ेगी, जबकि मैदानी क्षेत्रों को गर्मी से राहत मिलेगी।
दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी, कई क्षेत्रों में जलभराव का खतरा।
दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो-तीन दिनों में महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में आगे बढ़ सकता है।
ओडिशा समेत कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने के आसार।
किसानों को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जल निकासी तथा लू प्रभावित इलाकों में सिंचाई बढ़ाने की सलाह।
देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का अलग-अलग रूप देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है।
मौसम विभाग के द्वारा आज, नौ जून, 2026 को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊपरी हवा में बना चक्रवाती परिसंचरण अभी भी देश के कई हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा 11 जून से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार नौ से 14 जून के दौरान हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से इन इलाकों में मौसम सुहावना रह सकता है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो, पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 11 से 14 जून के बीच कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 10 से 14 जून के दौरान बादलों के बरसने की संभावना जताई गई है।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। पूर्वी राजस्थान में नौ से 14 जून तक तथा पश्चिमी राजस्थान में 10 से 14 जून के दौरान कुछ हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। इन बारिश की गतिविधियों के कारण प्रदेश के कई इलाकों में भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तर भारत में बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग ने बताया है कि फिलहाल 11 जून, 2026 तक गर्मी से कोई खास राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इस दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। मध्य भारत में भी 11 जून तक तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है और उसके बाद इसमें कुछ कमी आएगी।
आठ जून, 2026 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में देश का सबसे अधिक तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कई राज्यों में लू का प्रकोप, गर्म और उमस भरे मौसम से भी बढ़ेगी परेशानी
मौसम विभाग के अनुसार आज, नौ जून, 2026 को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने तथा पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
वहीं कोंकण एवं गोवा, ओडिशा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की आशंका है। अधिक नमी और ऊंचे तापमान के कारण लोगों को बेचैनी और थकान महसूस हो सकती है। मौसम विभाग ने इन इलाकों के लोगों को धूप से बचाव करने, हल्के कपड़े पहनने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों के दौरान मानसून के मध्य अरब सागर के कुछ और हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु के शेष हिस्सों तथा दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के बाकी हिस्सों में भी मानसून आगे बढ़ सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी मानसून की प्रगति होगी। पूर्वोत्तर भारत के शेष राज्यों में भी अलगे दो से तीन दिनों में मानसून के पहुंचने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है।
केरल के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। कासरगोड जिले के पदन्नक्कड़ में 90 मिमी तथा पिलिकोड में 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मलप्पुरम जिले के थेन्नाला और नीलांबूर में हर जगह 70 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का अलर्ट
विभाग की मानें तो आज, नौ जून, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं आज, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भी बादलों के जमकर बरसने की आशंका है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बन सकती है।
आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अंदेशा
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। ओडिशा में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है। बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है।
किसानों के लिए सलाह
विभाग ने किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी है। जिन राज्यों में भारी बारिश की आशंका है वहां खेतों से पानी निकालने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। तैयार फसलों की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करना चाहिए।
लू प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को सुबह और शाम के समय सिंचाई करने की सलाह दी गई है। पशुओं के लिए पर्याप्त पीने के पानी और छाया की व्यवस्था करना भी जरूरी है।
बारिश वाले क्षेत्रों में पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए तथा चारे को सूखी जगह पर रखना चाहिए। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें चलने की संभावना है।
सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की गतिविधियां जारी रहेंगी। कहीं गर्मी और लू का असर रहेगा तो कहीं भारी बारिश और तेज हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देते हुए आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।