बिहार में गंगा और सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ा, 18 से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित, लाखों लोग परेशान हैं।
देश के 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक की आशंका।
उत्तराखंड के छह जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा, लोगों और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
बिहार के 24 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, उत्तर और पूर्वी हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान।
किसानों को जलनिकासी, फसलों और पशुओं की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह, आंधी और बिजली में खेतों से बचें।
देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, छह सितम्बर, 2026 को जारी अपडेट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में है। इसके साथ एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके अगले 24 घंटे में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है।
मानसून ट्रफ भी उत्तर भारत से लेकर पूर्वी भारत तक सक्रिय बनी हुई है। इसका असर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ अब मध्य क्षोभमंडल में एक ट्रफ के रूप में मौजूद है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में बादल, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर गरज-चमक जैसी मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज, छह सितम्बर, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं आज, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम सहित कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।
उत्तराखंड में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में उत्तराखंड के चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा जताया है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहना ही सुरक्षित होगा।
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बिहार के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में जलभराव हो गया है। पटना समेत 18 से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। बिहार में बाढ़ से 10 लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की खबर है।
नेपाल में भी भारी बारिश से कई इलाकों में स्थिति खराब है। नेपाल से आने वाली नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का असर बिहार के सीमावर्ती और नदी किनारे के इलाकों में दिखाई दे रहा है।
आज, रविवार, छह सितंबर, 2026 को उत्तर और पूर्वी बिहार में बारिश जारी रहने का अनुमान है। राज्य के 24 जिलों में अलग-अलग स्तर के ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। कुछ जगहों पर तेज हवा की गति करीब 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा है।
कई राज्यों में रात का तापमान सामान्य से अधिक
लगातार हो रही बारिश के बावजूद असम और मेघालय, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। इससे इन इलाकों में उमस और गर्मी का असर बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, पांच सितंबर, 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे अधिक रहा। वहीं हाफलॉन्ग और येवतमाल में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत
लगातार बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खेतों में पानी जमा होने पर उसकी जल्द निकासी करें, ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। भारी बारिश, आंधी और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें। किसान कटी हुई फसल, अनाज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। पशुओं को भी बारिश और तेज हवाओं से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें। मौसम खराब रहने के दौरान सिंचाई तथा कीटनाशक और उर्वरक के छिड़काव को टालना बेहतर होगा।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदी, नालों और जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचें। बाढ़ के पानी में पैदल चलने या वाहन चलाने का जोखिम न लें। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय प्रशासन की ओर से जारी सूचनाओं पर भरोसा करें। समय पर सावधानी बरतने से जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।