केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, कुछ जगहों पर रेड अलर्ट जारी। फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

बंगाल की खाड़ी में शक्तिशाली चक्रवाती तूफान की दहशत, 28 अक्टूबर को आंध्र तट से टकराने की आशंका

दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट, केरल और तमिलनाडु में अति भारी वर्षा के आसार; उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान तेज होने की आशंका, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने का पूर्वानुमान।

  • तूफान के दौरान 115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 140 तक पहुंचने के आसार।

  • केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, कुछ जगहों पर रेड अलर्ट जारी।

  • अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय, कर्नाटक और केरल तटों पर तेज हवाओं के बीच मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह।

  • पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम बदलेगा, 28 और 29 को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व आसपास के इलाकों में बारिश के आसार।

बंगाल की खाड़ी में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। समुद्र के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में एक शक्तिशाली चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। मौसम विभाग की ओर से आज, 25 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह से पूर्वाह्न के बीच आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है।

इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटे से लेकर 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। दूसरी ओर, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक का खतरा बना हुआ है। उत्तर भारत में भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

बंगाल की खाड़ी में कैसे बन रहा है तूफान?

मौसम विभाग के अनुसार, 25 अक्टूबर की सुबह साढ़े पांच बजे बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना दबाव लगभग 15.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 91.2 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था। यह अंडमान द्वीप समूह के श्री विजयपुरम से करीब 440 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम में स्थित था। पूर्वानुमान के मुताबिक, यह प्रणाली 25 अक्टूबर को पहले दक्षिण की ओर बढ़ सकती है और फिर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में मुड़ सकती है। इसके बाद इसकी ताकत लगातार बढ़ने का अंदेशा जताया गया है।

चार दिनों में बढ़ेगी तूफान की ताकत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अक्टूबर को दबाव का क्षेत्र डीप डिप्रेशन में बदल सकता है। 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान बनने के आसार हैं। 27 अक्टूबर की सुबह तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद इसके और शक्तिशाली होकर अति गंभीर चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान तेज होने की आशंका, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने का पूर्वानुमान।

28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने के बाद इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यनम तट को पार करने की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने से तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है। हालांकि तूफान की दिशा, ताकत और इसके तट से टकराने के समय में बदलाव संभव है।

अरब सागर में भी कम दबाव का क्षेत्र

दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। यह मौसम में अस्थिरता बढ़ा सकता है और आसपास के इलाकों में बारिश तथा तेज हवाओं की स्थिति पैदा कर सकता है।

केरल और तमिलनाडु में भयंकर बारिश की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में बन रहे तूफान के बीच दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का खतरा बढ़ गया है। केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। विभाग ने इन राज्यों में बारिश का ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।

आज, तटीय कर्नाटक, केरल और माहे तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन सभी राज्यों में बारिश का ऑरें अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप के भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक पानी बरस सकता है।

बारिश के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ तूफानी हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में ओर इजाफा होकर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। अरब सागर में भी कर्नाटक और केरल के तटों के पास तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।

पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत में बदलेगा मौसम

दक्षिण भारत के अलावा उत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। उत्तर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी हवाओं के एक ट्रफ से जुड़ा हुआ है।

इसके प्रभाव से 25 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है। वहीं, 28 और 29 अक्टूबर को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी छिटपुट बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में महीने के अंतिम दिनों में मौसम बदल सकता है।

कुल मिलाकर, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में देश के कई इलाकों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश में संभावित चक्रवाती तूफान और दक्षिण भारत में भारी बारिश को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और प्रशासन की सलाह पर नजर रखनी चाहिए।