पश्चिमी विक्षोभ निचले और ऊपरी स्तरों पर एक ट्रफ के रूप में जारी है। वहीं दूसरी ओर निचले स्तरों पर मध्य पाकिस्तान और इससे सटे इलाकों पर एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इन मौसमी गतिविधियों के चलते आज, यानी 27 मार्च, 2025 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश व ऊंचाई वाले हिस्सों में जमकर बर्फबारी होने के आसार हैं, इन राज्यों में 70 मिलीमीटर (मिमी) या उससे अधिक बरसात हो सकती है।
उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में मौसम लगातार शुष्क बना हुआ है, वहीं कल यानी 26 मार्च को उत्तरकाशी जिले के कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई, जिसके चलते तापमान में मामूली गिरावट रिकॉर्ड की गई। मैदानी इलाकों में दिन के समय चटक धूप के कारण गर्मी बढ़ गई है।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से आज, यानी 27 मार्च, 2025 को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने, गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान में कहा गया है कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के कई इलाकों में हल्की बारिश होने का पूर्वानुमान है। जबकि शेष जनपदों में मौसम के शुष्क बने रहने के आसार हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते हिमाचल प्रदेश में मौसमी बदलाव हो सकता है, जिसके कारण आज, यानी 27 मार्च, 2025 को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश तथा ऊंचे इलाकों हिमपात होने के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज, हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व एनसीआर में समय से पहले ही गर्मी का अहसास होने लगा है। कल, यानी 26 मार्च को सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री से अधिक रहा। 26 मार्च इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। कल दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बढ़ते तापमान के चलते कल दिल्ली के अधिकतर इलाकों में गर्म हवाएं भी महसूस की गई।
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि इस बढ़ती गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है, क्योंकि 27 से 29 मार्च के दौरान दिल्ली समेत पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 25 से 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। वहीं, आज 27 मार्च को पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में तेज तूफानी हवाओं के साथ धूल का गुबार उठने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत के अधिकतर राज्यों में मौसम शुष्क बना रहेगा, जबकि 28 और 29 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों के जमकर बरसने व बर्फबारी होने के आसार हैं, यहां बादलों के 70 मिमी या उससे अधिक बरसने के आसार हैं।
दक्षिण भारत में मौसमी बदलाव देखें तो, दक्षिण छत्तीसगढ़ से मन्नार की खाड़ी तक हवाओं का एक ट्रफ जारी है जो महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्से से लेकर कर्नाटक, तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों से होते हुए निचले स्तरों पर पहुंच रही है। इसके कारण आज 27 मार्च, 2025 को कर्नाटक, केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने तथा 30 से 50 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के ताजा अपडेट में कहा गया है कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। वहीं, अगले दो से तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं।
अगले दो दिनों के दौरान गुजरात और आंतरिक महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, उसके बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसी दौरान मध्य भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, विदर्भ के अकोला में अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के नाहन में न्यूनतम तापमान 14.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
आज 27 मार्च को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और 28 मार्च को पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में भारी गर्मी से छुटकारा मिलने के आसार नहीं हैं। 29 और 30 मार्च को गुजरात के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने के आसार हैं।
जबकि, 28 से 30 मार्च के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने की आशंका जताई गई है। एक बार फिर 29 और 30 मार्च से ओडिशा के अंदरूनी इलाकों में हीटवेव या लू चलने की आशंका जताई गई है।
कल कहां हुई बारिश व कहां पड़ी बौछारें?
कल, 26 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों, केरल और माहे तथा तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हुई या गरज के साथ बौछारें पड़ी।
कल कहां कितने बरसे बादल?
कल, 26 मार्च को केरल के पुनालुर में 4 सेमी, उत्तर आंतरिक कर्नाटक के गडग में 1 सेमी तथा तमिलनाडु के वालप्राई में 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।