तटीय आंध्र प्रदेश में में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है।  फोटो साभार: आईस्टॉक
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आज का मौसम: उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी-पूर्वोत्तर में रहेगा शुष्क, दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी

तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की आशंका, रेड से ऑरेंज अलर्ट तक जारी; रायलसीमा, कर्नाटक व तमिलनाडु में भी बरसेंगे बादल, यहां मौसम रहेगा शुष्क

Dayanidhi

  • दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर जारी, तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी वर्षा की आशंका।

  • रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी।

  • केरल, माहे, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने के आसार।

  • उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताहभर बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं, राजकोट में पारा 40.3 डिग्री दर्ज।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा 18 अक्टूबर, 2026 की सुबह जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। वहीं उत्तरी लक्षद्वीप और आसपास के इलाकों में भी ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

इन मौसमीय प्रणालियों के चलते दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी से लेकर अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में फिलहाल बड़े मौसमी बदलाव के आसार नहीं हैं। वहीं महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत कुछ राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम में इस बदलाव के बीच कहीं बारिश की फुहारें राहत दे सकती हैं, तो कहीं अत्यंत भारी वर्षा, बिजली गिरने और तेज हवाओं के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर, तटीय आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक आज, 18 अक्टूबर, 2026 को तटीय आंध्र प्रदेश में में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। विभाग के द्वारा तटीय आंध्र प्रदेश में बारिश को लेकर रेड से लेकर ऑरेंज अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। इतनी तेज बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

रायलसीमा और कर्नाटक में बहुत भारी बारिश

रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार तेज बारिश होने पर खेतों, ग्रामीण सड़कों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय सावधानी बरतनी चाहिए।

तमिलनाडु और केरल में भी बरसेंगे बादल

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के भी कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने इन राज्यों में भी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां भी 115.6 से 204.4 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। वहीं, केरल और माहे में भारी बारिश की संभावना है। केरल और माहे में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

कुल मिलाकर, दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। खासकर तटीय आंध्र प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया गया है तथा तेज बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में तेज हवाओं का खतरा

आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। ऐसे मौसम में पेड़ों की शाखाएं टूटने, कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने और खुले स्थानों पर परेशानी होने का खतरा बढ़ सकता है।

वहीं, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों में बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं।

कई राज्यों में बिजली गिरने की आशंका

छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ गरज-चमक वाला मौसम रह सकता है। आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।

मौसम के ऐसे हालात में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक शुरू होने पर खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों के लिए भी मौसम की जानकारी लेते रहना जरूरी है।

उत्तर और मध्य भारत में फिलहाल बड़ी हलचल नहीं

उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण अलग-अलग इलाकों में बादल होने और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। इसी कारण उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सप्ताह के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग हो सकती है।

गुजरात में सबसे ज्यादा गर्मी, पंजाब में सबसे कम तापमान

बारिश की संभावना के बीच देश के कुछ हिस्सों में तापमान भी चर्चा में है। 17 अक्टूबर 2026 को गुजरात के राजकोट में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, पंजाब के भटिंडा में मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विदर्भ के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ऊपर रहा। असम और मेघालय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान तथा मध्य महाराष्ट्र में भी कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया।

कहां कितने बरसे बादल?

मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इस दौरान चेन्नई के नुंगमबक्कम में सबसे अधिक 160 मिमी बारिश हुई। वहीं, तमिलनाडु के तंजावुर जिले के अदिरामपट्टिनम में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। तिरुचिरापल्ली के तिरुचिरापल्ली एपी, कराईकल और रामनाथपुरम जिले के टोंडी हर जगह 20 मिमी वर्षा हुई।

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भी बारिश देखने को मिली। श्री पोट्टी श्रीरामुलु नेल्लोर जिले के कावली में 30 मिमी, जबकि काकीनाडा में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रायलसीमा के तिरुपति में 20 मिमी वर्षा हुई।

कुल मिलाकर, दक्षिण भारत में बारिश और कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं मौसम की मुख्य गतिविधियां रहेंगी। लोगों को सलाह है कि यात्रा और रोजमर्रा के कामों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।