झारखंड में डिप्रेशन का असर बढ़ा, भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में जलभराव और तेज हवाओं का खतरा। फोटो साभार: आईस्टॉक
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झारखंड पर डिप्रेशन का साया, कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल

झारखंड में डिप्रेशन का असर, भारी से भीषण बारिश का अलर्ट, बिहार समेत कई राज्यों में बरसेंगे बादल; दिल्ली में भी बारिश की संभावना, किसानों व लोगों को सतर्क रहने की सलाह

Dayanidhi

  • झारखंड में डिप्रेशन का असर बढ़ा, भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी, कई जिलों में जलभराव और तेज हवाओं का खतरा।

  • बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।

  • दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना, यातायात प्रभावित होने और जलभराव की आशंका बनी हुई है।

  • कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी, बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील।

  • किसानों को फसलों की सुरक्षा, खेतों में जलनिकासी, कटी फसल सुरक्षित रखने और मौसम साफ होने तक कृषि कार्य टालने की सलाह।

देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, 18 अगस्त, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों और आसपास बना डिप्रेशन अब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ गया है। मंगलवार, 18 अगस्त की सुबह 5:30 बजे यह झारखंड और उत्तर पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के आसपास जारी था। यह रांची से करीब 100 किमी उत्तर-पूर्व में था।

मौसम विभाग का अनुमान है कि यह डिप्रेशन अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और बिहार के कई हिस्सों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। साथ ही देश के कई हिस्सों में ऊपरी वायुमंडल का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिससे मौसम की गतिविधियां लगातार प्रभावित हो रही हैं। इन मौसमीय प्रणालियों के कारण कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

झारखंड में बहुत भारी से भीषण बारिश की चेतावनी

झारखंड में डिप्रेशन का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। राज्य के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, जबकि कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इसके साथ ही कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। झारखंड में बारिश का ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।

विभाग ने कहा है कि बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। लोगों को नदी, नाले और अन्य जलस्रोतों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

बिहार समेत कई राज्यों में असर

डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण बिहार में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

वहीं आज, 18 अगस्त, 2026 को पूर्वी उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम सहित कई राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है। आज, पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश के दौर के जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी गर्मी, क्या आज होगी बारिश?

दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों से बारिश नहीं होने के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कल, यानी सोमवार सुबह से ही दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में तेज धूप देखने को मिली। दिन चढ़ने के साथ धूप में तेजी बढ़ गई। हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही लगी रही, लेकिन ज्यादातर समय तेज धूप रहने से तापमान में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

सोमवार को दिल्ली में न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं अधिकतम तापमान करीब 35.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से दो डिग्री अधिक है। इससे लोगों को दिन के समय उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार आज, राजधानी में न्यूनतम तापमान 25 डिग्री और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।

वहीं विभाग ने हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में आज, भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। यहां भी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश के दौरान यातायात प्रभावित हो सकता है। सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी हो सकती है।

आंधी और बिजली गिरने का खतरा

कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।

वहीं आज, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए।

कहां रहा तापमान सामान्य से अधिक?

बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में इस समय तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। वहीं असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

कल, 17 अगस्त, 2026 को मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में दर्ज हुआ। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस मध्य प्रदेश के खारगोन में रिकॉर्ड किया गया। मौसम के इस बदलाव के बीच लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और गर्मी व उमस वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

कहां कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। असम के चेरापूंजी में 110 मिमी बारिश हुई। पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर में 80 मिमी, जबकि कोलकाता-अलीपुर और हल्दिया हर जगह 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के झारसुगुड़ा, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, वाराणसी और देहरादून हर जगह 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।

किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत

भारी बारिश को देखते हुए किसानों को अपनी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। खेतों में पानी जमा होने की स्थिति में उचित जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। तेज बारिश के दौरान कीटनाशक और खाद का छिड़काव करने से बचना बेहतर होगा।

किसानों को कटी हुई फसल और अनाज को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखने की जरूरत है। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखना चाहिए। मौसम साफ होने के बाद ही जरूरी कृषि कार्य करना उचित रहेगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को अगले 24 घंटों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। मौसम संबंधी ताजा जानकारी और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। मानसून की यह सक्रिय स्थिति आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश को और बढ़ा सकती है।