छत्तीसगढ़ और ओडिशा में रेड अलर्ट जारी, कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा। प्रतीकात्मक छवि, साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
मौसम

दीघा के पास तट से टकराया गहरा दबाव, छत्तीसगढ़-ओडिशा में रेड अलर्ट, 20 राज्यों में भारी बारिश

बंगाल की खाड़ी से उठा गहरा दबाव दीघा के पास तट से टकराने के बाद ओडिशा, झारखंड व छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है, जिससे 20 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, तेज हवाओं व वज्रपात का खतरा बढ़ा।

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी का गहरा दबाव दीघा के पास तट से टकराया, अब उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा।

  • छत्तीसगढ़ और ओडिशा में रेड अलर्ट जारी, कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश, अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा।

  • उत्तराखंड, हिमाचल, दिल्ली-एनसीआर समेत 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी।

  • उत्तराखंड के कई जिलों में लगातार बारिश के बीच ऑरेंज अलर्ट जारी, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की आशंका से स्कूल बंद।

  • मौसम विभाग ने लोगों, किसानों और मछुआरों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा टालने तथा प्रशासन की सलाह मानने की अपील की।

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) सोमवार देर रात पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तट से टकरा गया। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 28 जुलाई, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, यह प्रणाली दीघा के पास रात 12:30 से 1:30 बजे के बीच तट पार कर गया। सुबह 5:30 बजे यह उत्तर तटीय ओडिशा और उससे लगे पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के ऊपर केंद्रित था।

मौसम विभाग के मुताबिक, यह गहरा दबाव पिछले छह घंटों के दौरान लगभग सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। यह अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर आगे बढ़ेगा।

इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और आसपास के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। कई जगहों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों के उफान पर आने तथा कुछ हिस्सों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका है।

मानसून फिर हुआ सक्रिय

देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मानसून की ट्रफ राजस्थान से होते हुए मध्य भारत और बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और अन्य कई राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है। अगले 24 घंटे तक कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।

उत्तराखंड में भारी बारिश से बढ़ी चिंता

उत्तराखंड में देर रात से लगातार बारिश हो रही है। राजधानी देहरादून सहित कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और नैनीताल सहित नौ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

भारी बारिश को देखते हुए कई क्षेत्रों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर देहरादून, पौड़ी और पिथौरागढ़ सहित कई जिलों में आज स्कूल बंद रखने का फैसला किया गया है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

हिमाचल तथा जम्मू और कश्मीर में भी बारिश का असर

हिमाचल प्रदेश में भी आज भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने यहां भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं जम्मू और कश्मीर में अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़कें बंद होने का खतरा बना हुआ है। नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में भी भारी बारिश के आसार

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में आज मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के लिए भी भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। आज यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश होने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग का कहना है कि 29 और 30 जुलाई को भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

छत्तीसगढ़ व ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में आज, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। यहां बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया गया है।

वहीं आज, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

इसके अलावा आज, असम और मेघालय, झारखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, केरल, कोंकण और गोवा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी बारिश का अनुमान है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक पानी बरस सकता है। यहां विभाग ने भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

गरज-चमक और तेज हवा का भी खतरा

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। ओडिशा, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कर्नाटक, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

तापमान में भी बदलाव

बारिश के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। असम और मेघालय में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया है। हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, केरल और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में भी तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। 27 जुलाई, 2026 को देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान तमिलनाडु के मदुरै में 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान ओडिशा के बौध में 18.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने की कोशिश न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से दूर रहें। किसान खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था रखें और मछुआरे समुद्र में जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी सभी निर्देशों का पालन करें। आने वाले एक-दो दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।