140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार: चक्रवात के दौरान तूफानी हवाएं चलने का अनुमान, तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की सलाह। फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा चक्रवात ‘अर्नब’, भारी बारिश व तूफानी हवाओं का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में तूफान हुआ ताकतवर, 125 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार; दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट

Dayanidhi

  • बंगाल की खाड़ी में तूफान तेज, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका।

  • चक्रवात के दौरान तूफानी हवाएं चलने का अनुमान, तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ाने की सलाह।

  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी।

  • तटीय आंध्र प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भारी बारिश का येलो अलर्ट, गरज-चमक की आशंका।

  • देश में तापमान के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। राजकोट में पारा 39.6 डिग्री पहुंचा, जबकि बठिंडा में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री दर्ज हुआ।

बंगाल की खाड़ी में मौसम ने खतरनाक करवट ले ली है। समुद्र में बना डीप डिप्रेशन अब चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग की ओर से 26 अक्टूबर, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, यह तूफान लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और आने वाले घंटों में इसकी ताकत और बढ़ सकती है। 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर इसके पहुंचने की आशंका है। इस दौरान तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना रहेगा।

बांग्लादेश ने दिया ‘अर्नब’ नाम

चक्रवात का नाम ‘अर्नब’ बांग्लादेश के द्वारा प्रस्तावित किया गया। यह नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन और संयुक्त राष्ट्र की एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग के चक्रवात नामकरण पैनल की अप्रैल 2020 में अपनाई गई सूची में शामिल है।

बंगाल की खाड़ी में बढ़ रही तूफान की ताकत

मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 5:30 बजे चक्रवात ‘अर्नब’ मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम-मध्य क्षेत्र में केंद्रित था। इसका केंद्र लगभग 15.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.9 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। यह अंडमान द्वीपसमूह के श्री विजयपुरम से करीब 590 किमी उत्तर-पश्चिम और विशाखापत्तनम से लगभग 650 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था।

मंगलवार, 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। इसके बाद तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट के बीच बापटला से विशाखापत्तनम के आसपास पहुंच सकता है। उस समय हवा की रफ्तार 115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा: बंगाल की खाड़ी में तूफान तेज, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका।

तमिलनाडु के पास बना कम दबाव

इस बीच, तमिलनाडु के तटीय इलाकों के पास बना कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के आसपास सक्रिय है। इससे जुड़ा ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

इसके अलावा, लक्षद्वीप से इस कम दबाव के क्षेत्र तक एक ट्रफ बनी हुई है, जो दक्षिण केरल से होकर गुजर रही है। यह मौसमी गतिविधि दक्षिण भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों को बढ़ा सकती है।

भारी बारिश से बढ़ सकती है परेशानी

कम दबाव व चक्रवात के प्रभाव से आज, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। केरल और माहे में भी बहुत भारी बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, तटीय आंध्र प्रदेश तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। तटीय आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति भी खराब रहने की आशंका है। मछुआरों और समुद्र में जाने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया गया है।

कहीं गर्मी का सितम, तो कहीं ठंड की दस्तक

देश के कई हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। असम और मेघालय तथा तेलंगाना में कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं, असम-मेघालय और मध्य महाराष्ट्र में रात का तापमान भी सामान्य से काफी ऊपर दर्ज किया गया। 25 अक्टूबर को गुजरात के राजकोट में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री, जबकि पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा।

फिलहाल, अगले दो दिन दक्षिण भारत के लिए अहम हैं। चक्रवात की दिशा और ताकत में बदलाव पर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए और मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए।