भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के निचले और मध्य स्तरों पर चक्रवाती प्रसार के रूप में जारी है। वहीं, एक चक्रवाती प्रसार राजस्थान के मध्य हिस्सों पर बना हुआ है तथा उत्तरी पंजाब से राजस्थान के मध्य हिस्सों तक हवाओं का ट्रफ जारी है।
उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते 16 मार्च, 2025 तक पश्चिमी हिमालयी इलाकों में वज्रपात होने, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने का पूर्वानुमान लगाया गया है, हालांकि विभाग के द्वारा उसके बाद बारिश व बर्फबारी की तीव्रता में कमी आने की संभावना जताई गई है।
आज, यानी 15 मार्च, 2025 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज तूफानी हवाओं के साथ बादलों के जमकर बरसने व हिमपात तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, इन राज्यों में 70 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल।
जबकि 16 मार्च को उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर के मैदानी इलाकों पर भी देखने को मिलेगा, आज, 15 मार्च को हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बिजली गिरने, गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व ओलावृष्टि होने की आशंका जताई गई है। 16 मार्च तक पंजाब में गरज के साथ बारिश व बौछारें पड़ने तथा बिजली चमकने के आसार हैं। 15 से 17 मार्च के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश व वज्रपात होने की आशंका जताई गई है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसमी बदलाव देखें तो, पूर्वी असम और उसके आसपास समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती प्रसार जारी है। इसके कारण अरुणाचल प्रदेश में 17 मार्च तक गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी तथा वज्रपात के दौर के जारी रहने के आसार हैं। इसी दौरान असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बिजली गिरने तूफानी हवाओं के साथ बारिश व बर्फबारी होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज यानी 15 मार्च, 2025 को अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश व बर्फबारी होने के आसार हैं, यहां बादलों के 70 मिमी या उससे अधिक बरसने का अनुमान है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
आने वाले समय में तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। जबकि अगले दो से तीन दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट और उसके बाद तीन से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं।
वहीं, अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस वृद्धि हो सकती है। अगले 24 घंटों के दौरान गुजरात और उत्तरी मराठवाड़ा के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद के तीन से चार दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, ओडिशा के झारसुगुड़ा में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
आज, 15 मार्च को कच्छ में तथा 17 मार्च तक ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में लोगों को हीटवेव या लू से निजात मिलने के आसार नहीं हैं। 16 मार्च तक विदर्भ में, 15 मार्च को छत्तीसगढ़ में, 17 मार्च तक झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में तथा आज, यानी 15 मार्च, 2025 को तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग की मानें तो 17 मार्च तक ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में रात के मौसम के गर्म रहने का अंदेशा जताया गया है।
16 से 18 मार्च के दौरान तटीय कर्नाटक में, 17 मार्च तक तमिलनाडु में, 15 मार्च को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों में लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम का प्रकोप झेलना पड़ सकता है।
वहीं कल, कच्छ और दीव के कुछ हिस्सों में प्रचंड लू का कहर देखा गया, जबकि विदर्भ के कुछ हिस्सों और आंतरिक ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में लोगों को लू से दो चार होना पड़ा।
कल कहां हुई बारिश व बर्फबारी?
कल, 14 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद के कई इलाकों, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में बादल बरसे या बर्फबारी रिकॉर्ड की गई
कल कहां कितने बरसे बादल?
कल, 14 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद के कुजी-गुंड, बनिहाल और बटोटे प्रत्येक जगह 1 सेमी बारिश दर्ज की गई।