दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
राजस्थान में लू और धूल भरी आंधी का असर, कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने के आसार।
असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, निचले इलाकों में जलभराव की आशंका।
अगले दो से तीन दिनों में महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के और हिस्सों में पहुंचेगा मानसून।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज भारी बारिश के आसार, कई इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी।
देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 13 जून, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण तथा दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इससे जहां कुछ राज्यों में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कुछ राज्यों में भारी बारिश और आंधी लोगों की परेशानी भी बढ़ा सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी- बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, आज 13 जून, 2026 को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश होने के आसार हैं। इन दोनों राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में भी अगले कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
वहीं आज, 13 जून को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने का भी अंदेशा जताया गया है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश के आसार
विभाग ने आज, 13 जून, 2026 को असम और मेघालय में कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। इन दोनों राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा आज, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।
इन हिस्सों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
दक्षिण और मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मौसम
वहीं आज, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के बचे हुए इलाकों में पहुंच सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 13 जून तक दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद 14 से 18 जून के बीच तापमान में फिर से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, 12 जून 2026 को देश में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के जैसलमेर में 44.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग और महाराष्ट्र के जेऊर में 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कहां रहेगा लू का प्रकोप तथा उमस भरा मौसम?
बारिश की गतिविधियों के बावजूद राजस्थान, विदर्भ, मराठवाड़ा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया गया। वहीं कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। विदर्भ के कुछ हिस्सों में गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं।
लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी है। खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की आवश्यकता है।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे पकी हुई फसलों की कटाई और भंडारण का कार्य सावधानीपूर्वक करें। तेज हवाओं और बारिश को देखते हुए कृषि उपकरणों तथा पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में मानसून आगे बढ़ रहा है, वहां किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां शुरू कर सकते हैं।
कुल मिलाकर आने वाले दिनों में देश के अधिकतर इलाकों में मौसम के सक्रिय बने रहने की संभावना है। जहां उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं गर्मी से राहत देंगी, वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। दूसरी ओर राजस्थान, विदर्भ, मराठवाड़ा और तेलंगाना के कुछ इलाकों में लू का असर जारी रहने के आसार हैं। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट और चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।