पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम बदला, कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान के आसार
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी, जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ने की आशंका
बिहार, झारखंड और ओडिशा सहित कई राज्यों में तेज हवाएं चलने का अनुमान, बिजली आपूर्ति और यातायात प्रभावित होने का अंदेशा
देश के कई हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी, कुछ जगह बढ़ेगा तो कुछ क्षेत्रों में गिरावट से गर्मी से राहत मिलेगी
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी, अचानक बदलते मौसम से स्वास्थ्य और रोजमर्रा के जीवन पर असर पड़ सकता है
उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का अंदेशा है। मौसम विभाग के द्वारा आज, 30 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और कश्मीर के आसपास सक्रिय है। साथ ही देश के कई इलाकों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार और कुछ हिस्सों में उल्टा चक्रवाती प्रसार भी बन रहा है। इनका प्रभाव उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों तक दिखाई दे रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागर के आसपास से उत्पन्न होकर भारत की ओर बढ़ता है। जब यह उत्तर भारत तक पहुंचता है, तो यह अपने साथ नमी और ठंडी हवाएं लाता है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश, तेज हवाएं और कभी-कभी ओलावृष्टि भी होती है। इस बार भी यही स्थिति बन रही है, जिससे मौसम में अस्थिरता बढ़ गई है।
उत्तर भारत में बदलता मौसम
उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के चलते दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं के आसार जताए गए हैं। हवाओं की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई है। दिन में गर्मी महसूस हो सकती है, लेकिन शाम और रात के समय मौसम अचानक बदल सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भरी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम अधिक गंभीर बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने इनमें से कुछ राज्यों में बारिश के लिए रेड तथा कुछ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश से जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
पूर्वी और दक्षिण भारत भी प्रभावित
वहीं, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं। दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। साथ ही दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी गई है।
वहीं बेंगलुरु में भारी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि का दौर रहा, जिसने चिलचिलाती गर्मी से राहत तो दी, लेकिन साथ ही बड़े पैमाने पर तबाही भी मचाई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, यहां 110 मिमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
कहां-कहां चलेंगी तेज हवाएं और कहां है आंधी-तूफान का खतरा?
कई राज्यों में तेज आंधी और तूफान का खतरा बना हुआ है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 30 अप्रैल और एक मई को अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि दो से पांच मई के बीच फिर से तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में एक मई तक तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद दो से पांच मई तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। यानी यहां मौसम अपेक्षाकृत स्थिर बना रहेगा और बहुत ज्यादा गर्मी बढ़ने की संभावना नहीं है।
पूर्वी भारत के राज्यों जैसे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में एक मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद दो से पांच मई के बीच तापमान लगभग स्थिर रहेगा। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।
महाराष्ट्र में दो मई तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद तीन से पांच मई के बीच तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इसी तरह गुजरात में भी एक मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री की कमी आएगी और उसके बाद तापमान स्थिर बना रहेगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 29 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लू से राहत लेकिन उमस भरी गर्मी का प्रकोप जारी
मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल देश के किसी भी हिस्से में भीषण लू चलने का पूर्वानुमान नहीं है। वहीं कुछ तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, वहीं उत्तर भारत के लोगों को इस बदलते मौसम से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश के बाद उमस बढ़ने की आशंका भी बनी रहती है।
स्वास्थ्य पर असर और सावधानियां
मौसम में अचानक बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। तेज धूप के बाद अचानक बारिश या ठंडी हवाएं सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ा सकती हैं। लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए सलाह
भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। फसलों को नुकसान से बचाने के लिए खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था जरूरी है। जहां फसल तैयार है, वहां जल्द कटाई करने की सलाह दी गई है। फल और सब्जियों की फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और नर्सरी को ढकने की भी सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर व दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश के चलते सभी संबंधित राज्यों के प्रशासन को अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। लोगों से भी अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
आने वाले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में यही मौसम बने रहने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के बाद ही मौसम सामान्य होने की उम्मीद है। तब तक लोगों को बदलते मौसम के अनुसार खुद को ढालने और सतर्क रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, देश इस समय एक ऐसे मौसम दौर से गुजर रहा है जिसमें गर्मी, बारिश और आंधी-तूफान तीनों का मिश्रण देखने को मिल रहा है। ऐसे में सावधानी और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।