जहां एक ओर तेज गर्मी और लू से डिहाइड्रेशन और थकान हो सकती है, डॉक्टरों की सलाह है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में ज्यादा देर तक न रहें और हल्के कपड़े पहनें।  
मौसम

अजब-गजब मौसम: कहीं भीषण लू, उमस भरी गर्मी, कहीं भारी बारिश, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि

बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के बीच कई राज्यों में लू का कहर, बदलते मौसम से जनजीवन प्रभावित, विभाग की सतर्क रहने की सलाह

Dayanidhi

  • देशभर में मौसम का दोहरा रूप, कहीं बारिश और आंधी-तूफान तो कई राज्यों में भीषण लू और उमस से लोग परेशान

  • उत्तर भारत में आंधी-बारिश से राहत के आसार, जबकि कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री पार, जनजीवन प्रभावित

  • पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं से नुकसान की आशंका, कई जगह जलभराव का खतरा

  • दक्षिण भारत में भी सक्रिय हुआ मानसून पूर्व मौसम, कई राज्यों में बारिश के साथ ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा

  • लू, गर्म रातें और उमस से बढ़ी परेशानी, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और बचाव उपाय अपनाने की सलाह

उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक अलग-अलग प्रकार की मौसमीय गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। कहीं बारिश और आंधी-तूफान का दौर है तो कई राज्यों में पारा 45 डिग्री पार चला गया है। जिससे राज्य भट्टी बन गए हैं, यहां गर्मी और लू और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 28 अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रसार को बताया जा रहा है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और तेज हवाओं के आसार

मैदानी राज्यों जैसे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ सहित उत्तर-पश्चिम भारत में 28 से 30 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। कुछ इलाकों में यह और तेज होकर 50 से 70 किमी प्रति घंटे की दर तक भी पहुंच सकती है, जिससे अचानक आंधी जैसी स्थिति बन सकती है

इन मौसमीय गतिविधियों के चलते दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि अचानक आने वाली आंधी और बारिश से रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो सकता है।

वहीं पहाड़ी राज्यों में बदलते मौसम की बात करें तो जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय रहेगा। इन पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया गया है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और मौसम थोड़ा ठंडा हो जाएगा।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले पांच दिनों तक लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में 155.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश और गरज-चमक के साथ हवाएं चलने के आसार हैं।

इन क्षेत्रों में तेज हवाएं 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है

पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं और आंधी भी चल सकती है।

बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इसके साथ ही हवाओं की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे फसलों और पेड़ों को नुकसान हो सकता है।

मध्य भारत में हल्की मौसमीय गतिविधियां

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा, लेकिन कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। विदर्भ में बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बना हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी सक्रिय हुआ मौसम

दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

कुछ हिस्सों में भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है, खासकर केरल और तमिलनाडु में। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। यहां बारिश के लिए यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि का भी अंदेशा जताया गया है। इससे किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से मामूली राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और लू का असर बना हुआ है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 27 अप्रैल, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के आदमपुर में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां-कहां रहेगा हीटवेव या लू का प्रकोप व गर्म रातें?

विभाग की मानें तो आज, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, रायलसीमा, तेलंगाना, विदर्भ और पश्चिमी राजस्थान के कुछ इलाकों में हीटवेव यानी लू चलने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में दिन का तापमान काफी अधिक बना रह सकता है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

वहीं कुछ राज्यों में दिन के साथ ही रात में भी तापमान में कमी के आसार नहीं दिख रहे हैं। इनमें छत्तीसगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग हिस्से शामिल हैं जहां रात में गर्मी के बने रहने के आसार हैं। इसके कारण नींद में खलल पड़ सकती है और स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है

गर्म और उमस भरे मौसम से लोगों की बढ़ी परेशानी

आज, गुजरात, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, ओडिशा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने का अंदेशा जताया गया है।

स्वास्थ्य पर असर और सावधानियां

मौसम में इस बदलाव का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। जहां एक ओर तेज गर्मी और लू से डिहाइड्रेशन और थकान हो सकती है, वहीं दूसरी ओर अचानक बारिश और ठंडे मौसम से सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि लोग पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, धूप में ज्यादा देर तक न रहें और हल्के कपड़े पहनें। घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखना भी जरूरी है, क्योंकि मौसम अचानक बदल सकता है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम की इन गतिविधियों का असर खेती पर भी पड़ सकता है। जिन राज्यों में ओलावृष्टि की आशंका है, वहां किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जाल या अन्य उपाय करने चाहिए।

जहां गर्मी अधिक है, वहां हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। इसके अलावा, पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखना भी जरूरी है।

कुल मिलाकर देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है। कहीं बारिश और आंधी का असर है तो कहीं गर्मी और लू से लोग परेशान हैं। ऐसे में सभी लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है।

आने वाले दिनों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है, इसलिए जरूरी है कि लोग अपनी दिनचर्या और कामकाज को मौसम के अनुसार ढालें और सुरक्षा उपायों का पालन करें।