बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश व विदर्भ में हीटवेव या लू चलने की आशंका जताई गई है। 
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फिर पलटी मारेगा मौसम, कई राज्यों में लू व उमस भरी गर्मी का खतरा बरकरार

उत्तर के पहाड़ से लेकर मैदानों तक भीषण गर्मी की मार, तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी, पूर्वोत्तर में भारी बारिश, पश्चिम बंगाल व झारखंड में ओले गिरने की आशंका

Dayanidhi

  • अगले 12 घंटों में मौसम बदलेगा, उत्तर भारत में आंधी-बारिश जबकि कई राज्यों में लू और गर्मी का असर जारी रहेगा।

  • दिल्ली में 45 डिग्री तक तापमान, दिन में लू और रात में गर्मी से राहत नहीं, शाम को आंधी-बारिश संभव।

  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि के आसार।

  • पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट, असम-मेघालय में तेज हवाएं, जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका।

  • अकोला में पारा 46 डिग्री पार, कई राज्यों में हीटवेव का खतरा बरकरार, उमस भरी गर्मी से जनजीवन प्रभावित, स्वास्थ्य को लेकर सलाह।

एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत सहित कई इलाकों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ गई हैं। वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में लू, उमस भरी गर्मी और गर्म रातों से लोगों के परेशानियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज, 27 अप्रैल 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग हिस्सों में मिला-जुला मौसम बना रहेगा, जिसमें कहीं राहत तो कहीं भीषण गर्मी के कारण समस्याएं बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ इस समय मध्य स्तरों पर सक्रिय है और इसका असर खासतौर पर उत्तर भारत में देखा जा रहा है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है, जिससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ी है। पूर्वी भारत के ऊपर तेज रफ्तार से चल रही उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी मौसम को प्रभावित कर रही है। इन सभी कारणों से बादल बनने, बारिश, ओले गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बनी हुई है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और बर्फबारी

उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के चलते जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। 27 और 28 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर और आसपास के इलाकों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा, जबकि हिमाचल प्रदेश में 28 से 30 अप्रैल तक और उत्तराखंड में दो मई तक बारिश जारी रह सकती है। इन इलाकों में गरज के साथ बिजली गिरने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

मैदानी इलाकों में भी बदलेगा मौसम

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी रह सकता है। 27 अप्रैल से दो मई के बीच इन राज्यों में गरज के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन अचानक आने वाले तेज तूफान से सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजधानी दिल्ली में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण कई इलाकों में पारा सामान्य से 1.6 डिग्री से 3.0 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यानी 27 अप्रैल को दिल्ली में न्यूनतम तापमान के 28 डिग्री, जबकि अधिकतम तापमान के 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं।

दिल्ली में इस समय दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म बनी हुई हैं। जिससे लोगों को दिन ही नहीं बल्कि रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। ‘वार्म नाइट’ की स्थिति के कारण रात के समय तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा, जिससे नींद और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ सकता हैं।

विभाग की मानें तो दिल्ली में शाम के समय मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रहने की संभावना है, जिससे धूल भरी आंधी चल सकती है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने व गर्मी से मामूली राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी और लोगों को अभी कुछ दिनों तक गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम काफी सक्रिय बना हुआ है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में दो मई तक कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। खासकर 27 अप्रैल और 30 अप्रैल से दो मई के बीच अरुणाचल प्रदेश में बहुत ज्यादा बारिश होने के आसार हैं। इसी तरह असम और मेघालय में 27 से 30 अप्रैल के बीच तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी एक मई तक लगातार बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

पूर्वी भारत में आंधी-तूफान, तेज हवाएं व ओले गिरने के आसार

पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और ओडिशा में भी मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इन राज्यों में दो मई तक रुक-रुक कर बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। 27 और 28 अप्रैल को बिहार और पश्चिम बंगाल में तेज आंधी चलने का अंदेशा है, जिसमें हवा की रफ्तार 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा 27 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और झारखंड में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। बिहार के कुछ हिस्सों में 28 अप्रैल को भारी बारिश हो सकती है, जिससे जलभराव की स्थिति बन सकती है

मध्य और दक्षिण भारत में मिला-जुला असर

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 27 से 30 अप्रैल के बीच कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी इस दौरान कुछ जगहों पर बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत में अगले कुछ दिनों में तापमान में दो से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके बावजूद कई राज्यों में हीटवेव या लू चलने की आशंका जताई गई है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 26 अप्रैल, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां-कहां चलेगी लू, गर्म रातें व कहां है उमस भरी गर्मी का खतरा?

बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और विदर्भ जैसे राज्यों में हीटवेव या लू चलने की आशंका जताई गई है

इसके अलावा छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रात के समय भी गर्मी के बने रहने के आसार हैं

वहीं तटीय इलाकों जैसे आंध्र प्रदेश, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में मौसम के गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने का अंदेशा जताया गया है

स्वास्थ्य पर असर और सावधानियां

गर्मी और उमस के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से पानी पिएं, भले ही प्यास न लगे। इसके अलावा छाछ, नींबू पानी, लस्सी और अन्य घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करना फायदेमंद रहेगा। हल्के और ढीले कपड़े पहनने की भी सलाह दी गई है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

मौसम में इस बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि के आसार हैं, वहां किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जाल या अन्य उपाय करने की सलाह दी गई है। पकी हुई फसलों की कटाई जल्द करने और सुरक्षित स्थान पर रखने की भी जरूरत है।

गर्मी को देखते हुए किसानों को फसलों में हल्की और बार-बार सिंचाई करने की सलाह दी गई है। साथ ही मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करने को कहा गया है।

कुल मिलाकर देश में इस समय मौसम काफी अस्थिर बना हुआ है। एक तरफ जहां कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिल रही है, वहीं दूसरी ओर लू और गर्मी का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।