सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देशभर में मौसम तेजी से बदल रहा है, कई राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान जारी
उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में 11 अप्रैल तक बारिश, बर्फबारी और 50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने का अंदेशा
पूर्वोत्तर भारत में चार दिनों तक भारी वर्षा, मेघालय में ओलावृष्टि का खतरा, कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी
9 से 15 अप्रैल के बीच देश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 10 डिग्री तक बढ़ने की आशंका जताई गई
दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम, लोगों को थकान और असहजता का सामना करना पड़ सकता है
इन दिनों देश के मौसम में तेज बदलाव देखा जा रहा है। इसका मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जो उत्तर पाकिस्तान व जम्मू और कश्मीर के आसपास बना हुआ है। इसके साथ ही देश के कुछ हिस्सों के ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती प्रसार व एक मजबूत उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। इन तीनों के कारण उत्तर भारत सहित कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान, ओले गिरने और तापमान में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम
उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम के खराब रहने के आसार हैं। विभाग के द्वारा आज, नौ अप्रैल को जारी ताजा अपडेट में कहा है कि 11 अप्रैल तक इन पहाड़ी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक और तेज हवाएं भी चलेंगी। हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर के मैदानी इलाकों की बात करें तो यहां कुछ दिनों तक मिली राहत के बाद, तापमान में उछाल आने तथा गर्मी के बढ़ने के आसार हैं। देश की राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर में बारिश का दौर लगभग थम गया है। जिसके बाद अब गर्मी के प्रकोप में बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं। आज दिल्ली में अधिकतम तापमान के 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले चार दिनों तक बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। नौ व 10 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम तथा त्रिपुरा के कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 65.5 से 155.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
साथ ही आज, नौ अप्रैल 2026 को मेघालय में ओलावृष्टि होने की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों और खुले में रहने वाले लोगों को नुकसान हो सकता है। इस क्षेत्र में तेज हवाएं भी चलेंगी, जिससे मौसम और अधिक खराब हो सकता है।
पूर्वी भारत में गरज के साथ बारिश
पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। नौ से 12 अप्रैल के बीच इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिलेगी। कुछ हिस्सों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिनकी गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और बिजली के तारों को नुकसान पहुंच सकता है।
मध्य भारत में मौसमीय असर
मध्य भारत के कुछ हिस्सों, खासकर छत्तीसगढ़ में आज यानी, नौ अप्रैल को हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान का अंदेशा जताया गया है। हालांकि यहां मौसम का प्रभाव ज्यादा दिनों तक नहीं रहेगा, लेकिन एक-दो दिन के लिए मौसम में बदलाव देखा जा सकता है।
तापमान में तेज उछाल
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में देश के ज्यादातर हिस्सों में आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की आशंका जताई है। नौ से 15 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से 10 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। अभी कई जगहों पर तापमान सामान्य या सामान्य से कम है, लेकिन कुछ दिनों बाद यह सामान्य से ऊपर पहुंच सकता है। इससे गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, आठ अप्रैल, 2026 को तमिलनाडु के करूर परमथी में अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गर्म और उमस भरा मौसम
दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा केरल और माहे में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। इसके अलावा कोंकण, गोवा और गुजरात के तटीय इलाकों में भी उमस बढ़ने के आसार हैं। ऐसे मौसम में लोगों को थकान और असहजता महसूस हो सकती है।
आम लोगों पर मौसम का प्रभाव
इस बदलते मौसम का असर आम जनजीवन पर भी पड़ेगा। तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इससे यातायात प्रभावित होगा और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो सकती है। कई जगहों पर दृश्यता कम हो सकती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
तेज हवाओं और आंधी के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं और बड़े पेड़ भी गिर सकते हैं। इससे बिजली और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। खासतौर पर केले और पपीते जैसी फसलें ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं।
किसानों व लोगों के लिए सावधानियां
ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहना सुरक्षित होता है। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और बिना जरूरी काम के बाहर निकलने से बचें। तेज आंधी या बारिश के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों क्योंकि इससे खतरा हो सकता है।
यदि यात्रा करना जरूरी हो, तो सावधानी से करें और मौसम की जानकारी लेते रहें। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। खुले में रखी चीजों को सुरक्षित जगह पर रखना चाहिए ताकि तेज हवा से नुकसान न हो।
कुल मिलाकर देश के कई इलाकों में इस समय मौसम अस्थिर बना हुआ है। एक ओर जहां बारिश और आंधी का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी ओर आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के आसार हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की जरूरत है।