आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। फोटो : दयानिधि
मौसम

कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाएं व ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान की आशंका

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देशभर में मौसम में बड़ा बदलाव, कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी, तूफान, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, तूफान और मौसम में बड़ा बदलाव

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और केरल में भारी बारिश, कई जगहों पर ऑरेंज अलर्ट जारी और लगातार बादल छाए रहने की स्थिति

  • दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी, फसलों और जनजीवन पर असर

  • कई राज्यों में तेज हवाएं 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने की आशंका

  • उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिरने की संभावना, मौसम कुछ दिनों तक ठंडा और अस्थिर बना रह सकता है

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी चार अप्रैल 2026 को जारी बुलेटिन के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है। पश्चिमी भारत के ऊपर लगातार उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम चल रही है।इनके कारण भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि जैसी स्थिति बन रही है।

किन राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों की वजह से आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग के यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में पहले से ही बादल छाए रहने की बात कही गई है और कई जगहों पर बारिश का दौर भी जारी है। पहाड़ी इलाकों में यह बारिश कभी-कभी भूस्खलन जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती है।

साथ ही आज, चार अप्रैल 2026 को दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी गरज के साथ बादलों के जमकर बरसने के आसार जताए गए हैं। यहां भी 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

देश के कई राज्यों में आंधी और तूफान के साथ ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। इनमें हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्से शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ अचानक मौसम खराब हो सकता है। ओलावृष्टि से फसलों और वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है।

तेज हवाओं का असर

कई राज्यों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। कुछ जगहों पर हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवाओं से पेड़ गिर सकते हैं, बिजली के तार टूट सकते हैं और जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे खराब मौसम के दौरान घर के अंदर ही रहें।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम में इस बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में तीन से पांच डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद कुछ दिनों के लिए तापमान थोड़ा बढ़ेगा, लेकिन फिर से गिरावट आ सकती है। कुल मिलाकर तापमान सामान्य या सामान्य से कम रहने की संभावना है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, तीन अप्रैल, 2026 को ओडिशा के झारसुगुड़ा में अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

गर्म और उमस भरा मौसम

कुछ राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रहेगा। पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इस तरह का मौसम शरीर को थका देता है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इसलिए लोगों को पानी अधिक पीना चाहिए और धूप से बचना चाहिए।

किसानों के लिए जरूरी सुझाव

मौसम की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ सकती है। इसलिए उन्हें कुछ खास सावधानियां बरतनी चाहिए। जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर रख लेना चाहिए। खेत में पड़ी फसल को तिरपाल से ढक देना चाहिए ताकि बारिश और हवा से नुकसान न हो।

ओलावृष्टि से बचाने के लिए बागों में जाल या सुरक्षा कवच का इस्तेमाल करना चाहिए। तेज हवा से पौधों को बचाने के लिए उन्हें सहारा देना जरूरी है। इससे पौधे गिरने से बचेंगे और फसल सुरक्षित रहेगी।

पशुओं और मछली पालने वालों के लिए सलाह

बारिश और तूफान के दौरान पशुओं को खुले में नहीं छोड़ना चाहिए। उन्हें शेड के अंदर सुरक्षित रखना चाहिए और संतुलित आहार देना चाहिए। चारे को भी सुरक्षित जगह पर रखना जरूरी है ताकि वह खराब न हो।

मछली पालन करने वाले किसानों को भी सावधान रहना चाहिए। तालाब में पानी ज्यादा भरने की स्थिति में पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि मछलियां बाहर न निकल जाएं।

लोगों के लिए सावधानियां

सामान्य लोगों को भी इस मौसम में सावधान रहने की जरूरत है। आंधी और बिजली के दौरान खुले मैदान में नहीं जाना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए क्योंकि तेज हवा में पेड़ गिर सकते हैं।

घर की छत पर रखी ढीली चीजों को सुरक्षित कर लेना चाहिए। वाहन को संभव हो तो छत के नीचे पार्क करें ताकि ओलों से नुकसान न हो। बिजली कड़कने के समय मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करना चाहिए।

पिछले 24 घंटों में कहां बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों में देश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में 50 मिमी तक बरसे बादल। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों तथा केरल और माहे में भी हल्की से मध्यम बारिश देखी गई है, यहां 20 मिमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे यह साफ है कि मौसम का असर पूरे देश में फैल चुका है।

कुल मिलाकर देश में इस समय मौसम अस्थिर बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती प्रसार के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। यह स्थिति कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। ऐसे में सभी लोगों, खासकर किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। सही समय पर सावधानी बरतकर नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।