केरल और माहे, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में उमस भरी गर्मी से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है, स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। 
मौसम

केरल, झारखंड व ओडिशा में उमस भरी गर्मी, अरुणाचल में 115 मिमी से अधिक वर्षा

आज, दो अप्रैल, 2026 को उत्तर भारत में मौसम शुष्क, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र में गरज के साथ बारिश-ओलावृष्टि, मराठवाड़ा में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की हवाओं का अंदेशा

Dayanidhi

  • आज अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश 115 मिमी से अधिक, पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश व बौछारें।

  • मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि, मराठवाड़ा में 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी।

  • केरल और माहे, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में उमस भरी गर्मी से लोगों को परेशानी, स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

  • उत्तर भारत में मौसम शुष्क रहेगा, तापमान पहले बढ़ेगा फिर घटेगा, आने वाले दिनों में सामान्य से नीचे रहने की संभावना।

  • किसानों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बचाव के लिए फसल कटाई, भंडारण और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह।

मौसम विभाग के द्वारा आज, दो अप्रैल 2026 को जारी मौसम बुलेटिन के अनुसार, पश्चिम से आने वाली हवाओं और ऊंचाई पर बने मौसम प्रणालियों के कारण बारिश, आंधी और तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह बदलाव किसानों, आम लोगों और रोजमर्रा के जीवन पर प्रभाव डाल सकता है।

विभाग ने कहा है कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जो ईरान और उसके आसपास के इलाकों में बना हुआ है। जब यह तंत्र सक्रिय होता है, तो उत्तर और मध्य भारत में बादल, बारिश और तेज हवाएं देखने को मिलती हैं। इस बार यह विक्षोभ ऊपरी हवा में मौजूद है और इसका असर कई राज्यों में दिख रहा है। इसके साथ ही देश के कुछ हिस्सों में चक्रवाती हवाओं का प्रसार भी बना हुआ है, जिससे मौसम और अधिक अस्थिर हो गया है। साथ ही इस समय पूर्वोत्तर भारत के ऊपर बहुत तेज जेट स्ट्रीम चल रही है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो फिलहाल उत्तर भारत में मौसम शुष्क बना रहेगा, हालांकि बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

कहां होगी भारी बारिश?

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते आज, दो अप्रैल 2026 को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। साथ ही पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम में भी बौछारें पड़ने तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की दर से तेज हवाओं के साथ आंधी आने का अंदेशा जताया गया है।

वहीं, देश के कई राज्यों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। विभाग ने कहा है कि महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, खासकर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में बहुत तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इसके अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इस तरह की तेज हवाओं से पेड़ गिर सकते हैं, बिजली के तार टूट सकते हैं और फसलों को नुकसान हो सकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

देशभर में मौसम में बदलाव के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। उत्तर-पश्चिम भारत में पहले तापमान दो से चार डिग्री बढ़ेगा, लेकिन उसके बाद इसमें गिरावट आएगी। मध्य भारत में तापमान दो से तीन डिग्री तक कम हो सकता है। वहीं पूर्वी भारत में पहले गर्मी बढ़ेगी और फिर थोड़ी राहत मिलेगी।

गुजरात और महाराष्ट्र में भी तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम सामान्य से थोड़ा ठंडा रह सकता है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, एक अप्रैल, 2026 को महाराष्ट्र के अमरावती में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

गर्म और उमस भरा मौसम

कुछ राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रहेगा। केरल और माहे, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इस तरह का मौसम शरीर को थका देता है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इसलिए लोगों को पानी अधिक पीना चाहिए और धूप से बचना चाहिए।

किसानों के लिए सलाह

इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ता है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे पकी हुई फसलों की कटाई तुरंत कर लें। फल और सब्जियों को सुरक्षित स्थान पर रखें या उन्हें तिरपाल से ढक दें। बागानों में ओलों से बचाने के लिए जाल का उपयोग करने का सुझाव दिया गया है।

इसके अलावा खेतों में पानी जमा न हो, इसके लिए सही निकासी की व्यवस्था करना भी जरूरी है। पौधों को सहारा देना चाहिए ताकि तेज हवा में वे गिर न जाएं।

कल कहां-कहां बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश हुई। असम और मेघालय में भी कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। जबकि विदर्भ, मराठवाड़ा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कई इलाकों में बारिश हुई या गरज के साथ बादल बरसे, जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।

कल कहां कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर और पासीघाट दोनों जगह 10 सेमी, असम और मेघालय के धुबरी में 9 सेमी, उत्तरी लखीमपुर में 8 सेमी, डिब्रूगढ़ और चेरापूंजी प्रत्येक जगह 3 सेमी, सिलचर में 2 सेमी, विदर्भ के नागपुर-सोनेगांव हवाई अड्डे में 2 सेमी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बागडोगरा में 1 सेमी, मराठावाड़ा के औरंगाबाद में 1 सेमी, छत्तीसगढ़ के पेंड्रा रोड में 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

कुल मिलाकर देखा जाए तो देश में इस समय मौसम काफी बदल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती हवाएं और जेट स्ट्रीम मिलकर अलग-अलग राज्यों में बारिश, आंधी और तापमान में बदलाव ला रहे हैं।

लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है, खासकर उन इलाकों में जहां तेज हवाएं और ओलावृष्टि की आशंका है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। आने वाले दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो सकता है, लेकिन अभी कुछ दिनों तक सतर्क रहना जरूरी है।