हिमाचल प्रदेश में भीषण लू की चेतावनी, राजस्थान, सौराष्ट्र-कच्छ और गुजरात के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक गर्म हवाएं चलेंगी। फोटो साभार: रोहित पाराशर
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हिमाचल में लू की चेतावनी, राजस्थान, सौराष्ट्र-कच्छ, गुजरात में भी चलेंगी गर्म हवाएं

नौ मार्च, 2026 के पूर्वानुमान के मुताबिक, कोंकण व गुजरात के तटीय हिस्सों व मध्य महाराष्ट्र में उमस भरी गर्मी, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, झारखंड तथा बिहार में वज्रपात, तूफानी हवाओं के साथ बौछारें

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  • हिमाचल प्रदेश में लू चलने की चेतावनी, राजस्थान, सौराष्ट्र-कच्छ और गुजरात के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक गर्म हवाएं चलेंगी।

  • दिल्ली-एनसीआर में मार्च में ही अप्रैल जैसी गर्मी, अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड।

  • ओडिशा, झारखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना।

  • कोंकण, गुजरात के तटीय क्षेत्रों और मध्य महाराष्ट्र में उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को असहज मौसम का सामना करना पड़ सकता।

इन दिनों लगभग पूरे भारत में मौसम काफी हद तक शुष्क बना हुआ है। अधिकतर राज्यों में बारिश की गतिविधि कम है और तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। कई इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी नौ मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में देश के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के आसार हैं, जबकि कई जगहों पर गर्मी और लू या हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम को प्रभावित करने वाले कई बड़े मौसमीय तंत्र इस समय सक्रिय हैं। इन्हीं के कारण अलग-अलग राज्यों में मौसम की स्थिति अलग-अलग दिखाई दे रही है।

पश्चिमी हिमालयी इलाकों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसका असर मुख्य रूप से जम्मू और कश्मीर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है, जिसके कारण ऊपरी वायुमंडल में तेज हवाएं चल रही हैं। इन हवाओं की गति लगभग 75 नॉट्स बताई जा रही है। इसका प्रभाव भी पहाड़ी क्षेत्रों के मौसम पर पड़ता है।

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों को देखते हुए मौसम विभाग ने आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हवाएं चलने तथा बौछारें पड़ने के आसार हैं।

इस साल मार्च की शुरुआत में ही देश की राजधानी में गर्मी ने लोगों को हैरान कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर में धूप इतनी तेज महसूस हो रही है कि मौसम अप्रैल जैसा लगने लगा है। आमतौर पर मार्च के महीने में तापमान थोड़ा कम रहता है, लेकिन इस बार गर्मी ने जल्दी दस्तक दे दी है।

दिल्ली-एनसीआर में अप्रैल जैसी गर्मी

मौसम के ताजा आंकड़ों के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह तापमान इस समय के लिए सामान्य से अधिक माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तेज गर्मी मार्च के शुरुआती दिनों में कम ही देखने को मिलती है।

ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि पिछले कई दशकों में मार्च के दौरान इतनी गर्मी कम ही दर्ज की गई है। कई लोग इसे पिछले करीब 50 वर्षों में सबसे ज्यादा गर्म मार्च की शुरुआत में से एक मान रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, इन दिनों हवाओं की गति भी ज्यादा तेज नहीं है। दिल्ली एनसीआर में हवाएं लगभग 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। धीमी हवाओं के कारण गर्मी और ज्यादा महसूस हो रही है। जब हवाएं तेज चलती हैं तो तापमान का प्रभाव कुछ कम महसूस होता है, लेकिन धीमी हवाओं की वजह से गर्मी का असर बढ़ जाता है।

मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार इस सप्ताह की शुरुआत भी गर्म मौसम के साथ होगी। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान के 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

पूर्वोत्तर व पूर्वी भारत में आंधी-तूफान के आसार

पूर्वोत्तर भारत में भी एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। यह प्रणाली असम और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर लगभग 1.5 किमी की ऊंचाई पर मौजूद है। इसके साथ ही एक ट्रफ रेखा बिहार से दक्षिण छत्तीसगढ़ तक झारखंड के ऊपर से होकर गुजर रही है। इन मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बादल बनने और आंधी-तूफान की स्थिति बनने का अंदेशा जताया गया है।

आज पूर्वी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका जताई गई है। यहां 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यह स्थिति विशेष रूप से ओडिशा, झारखंड, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में देखी जा सकती है।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक की तूफानी हवाएं चल सकती है। यहां गरज-चमक के साथ तेज आंधी आने का अंदेशा जताया गया है।

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी असर

दक्षिण भारत में भी कुछ हिस्सों में मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। चक्रवाती प्रसार के कारण आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इसी प्रकार केरल और माहे में भी कहीं-कहीं वज्रपात होने और हल्की आंधी आने की आशंका जताई गई है। हालांकि इन क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार नहीं है, लेकिन मौसम में थोड़ी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले चार दिनों में तापमान एक से दो डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।

पूर्वी भारत में भी अगले कुछ दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि हो सकती है। दक्षिण भारत में भी तापमान में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की संभावना है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, आठ मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में मध्य प्रदेश के राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां-कहां लू या हीटवेव के आसार?

देश के कुछ हिस्सों में लू या हीटवेव का अंदेशा है। आज हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में भीषण लू या हीटवेव की आशंका जताई गई है। इसके अलावा आने वाले दिनों में विदर्भ, पश्चिम राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, उत्तर गुजरात और मराठवाड़ा में भी लू चलने के आसार हैं। इन राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है।

गर्म और उमस भरे मौसम की आशंका

कुछ तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम भी देखने को मिल सकता है। यह स्थिति मुख्य रूप से कोंकण, गुजरात के तटीय हिस्सों और मध्य महाराष्ट्र में देखने को मिल सकती है। इस तरह के मौसम में लोगों को अधिक पसीना आता है और असहजता महसूस हो सकती है।

लोगों के लिए सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। लोगों को तेज धूप में ज्यादा समय तक बाहर रहने से बचना चाहिए। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनना बेहतर रहेगा। बाहर जाते समय सिर को टोपी, कपड़े या छाते से ढकना चाहिए।

इसके अलावा शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को भी कुछ महत्वपूर्ण सलाह दी है। गर्मी और शुष्क मौसम को देखते हुए फसलों में समय-समय पर हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों जैसी फसलों में मिट्टी की नमी बनाए रखना जरूरी है।

किसानों को सुबह या शाम के समय सिंचाई करने का सुझाव दिया है ताकि पानी का नुकसान कम हो। कुछ क्षेत्रों में आम की फसल को तेज धूप से बचाने के लिए विशेष ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर इस समय देश के अधिकतर इलाकों में शुष्क मौसम बना हुआ है और कई जगहों पर तापमान सामान्य से अधिक है। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि पश्चिम और मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में लू या हीटवेव की स्थिति बन सकती है।

ऐसे में लोगों और किसानों दोनों को मौसम की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए। इससे गर्मी और बदलते मौसम के प्रभाव से बचाव किया जा सकता है।