पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर में इस समय तापमान सामान्य से काफी ज्यादा है।  
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अमरावती में पारा 40 डिग्री पार, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में हीटवेव के आसार

सात मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी हिमालयी इलाकों में तापमान के सामान्य से आठ से 10 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रहने के आसार हैं।

Dayanidhi

  • हिमाचल प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ तथा गुजरात के कुछ हिस्सों में हीटवेव चलने के आसार।

  • महाराष्ट्र के अमरावती में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज, देश के कई हिस्सों में गर्मी तेज होने के संकेत।

  • पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले चार दिनों तक तापमान सामान्य से आठ से 10 डिग्री सेल्सियस ऊपर रहने की आशंका।

  • ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में वज्रपात, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश संभव।

  • अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय सहित पूर्वोत्तर राज्यों में नौ से 12 मार्च के बीच आंधी, बिजली और बारिश का पूर्वानुमान।

भारत में मौसम समय-समय पर बदलता रहता है। कभी तापमान बहुत अधिक हो जाता है तो कभी बारिश और आंधी-तूफान से मौसम हल्का ठंडा हो जाता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज सुबह, यानी सात मार्च, 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए अगले कुछ दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान में तापमान, बारिश, गर्म हवाओं और अन्य मौसमी गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई है।

देश में तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। उसके बाद के दो दिनों में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की हल्की गिरावट देखी जा सकती है। फिलहाल इस क्षेत्र में तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा है। कई इलाकों में यह सामान्य से पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो सकता है। हालांकि सप्ताह के अंत तक इसमें धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर में इस समय तापमान सामान्य से काफी ज्यादा है। अगले चार दिनों तक अधिकतम तापमान के सामान्य से आठ से 10 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि अगले सात दिनों में तापमान में पांच से सात डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा इन पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और बर्फबारी भी हो सकती है, जिससे मौसम थोड़ा ठंडा महसूस होगा।

मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले दो दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसका मतलब है कि यहां मौसम कुछ समय के लिए गर्म रह सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा।

पश्चिम भारत के राज्यों जैसे महाराष्ट्र और गुजरात में अगले सात दिनों के दौरान तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इस कारण इन क्षेत्रों में गर्मी थोड़ी बढ़ सकती है। खासकर दिन के समय गर्म मौसम महसूस होगा।

उत्तर पूर्व भारत में अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों में तापमान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। इससे यहां मौसम थोड़ा ठंडा और सुहावना हो सकता है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, छह मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अमरावती में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में न्यूनतम तापमान 11.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां है लू या हीटवेव के आसार?

कुछ जगहों पर गर्म हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। आज, यानी सात मार्च को हिमाचल प्रदेश में लू या हीटवेव के प्रकोप का अंदेशा जताया गया है। इसके अलावा राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में नौ और 10 मार्च को गर्म हवाएं चल सकती हैं।

सात से 10 मार्च के बीच सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। इसी तरह गुजरात के कुछ हिस्सों में आठ से 10 मार्च के दौरान गर्म हवाएं चल सकती हैं।

कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?

विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि कुछ राज्यों में गर्मी के साथ उमस भी महसूस हो सकती है। सात मार्च को ओडिशा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं। इसी तरह कोंकण में आठ और नौ मार्च को गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। सात मार्च को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी

उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है। साथ ही एक और पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी स्तरों पर पछुआ हवाओं में सक्रिय है। देश के अलग-अलग हिस्सों में चक्रवाती प्रसार जारी है।

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों को देखते हुए मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी हिमालयी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

जम्मू और कश्मीर में सात से 12 मार्च तक हल्की बारिश व हिमपात हो सकता है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सात से 12 मार्च के बीच हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इन राज्यों में नौ और 10 मार्च को गरज के साथ बारिश व बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

पूर्वी भारत में बारिश और तेज हवाएं

उत्तर-पश्चिम ओडिशा और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। जिसकी वजह से पूर्वी भारत के कई राज्यों में वज्रपात और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

ओडिशा में सात से नौ मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही यहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। झारखंड में आठ और नौ मार्च को तथा बिहार में नौ से 11 मार्च के बीच ऐसी स्थिति बन सकती है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आंधी और बारिश की संभावना है।

पूर्वोत्तर भारत में बारिश, आंधी- तूफान व बिजली गिरने का अंदेशा

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्व असम और आस-पास के इलाकों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी गरज के साथ बारिश व बिजली गिरने की आशंका जताई गई है

आठ से 12 मार्च तक अरुणाचल प्रदेश में बिजली गिरने तथा गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में नौ से 12 मार्च के बीच आंधी-तूफान और वज्रपात के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।

कुल मिलाकर आने वाले दिनों में भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रकार का मौसम रहेगा। कहीं तापमान बढ़ेगा तो कहीं बारिश और आंधी-तूफान देखने को मिल सकता है।

लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए और सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर जिन क्षेत्रों में हीटवेव या तेज आंधी-तूफान का अंदेशा जताया गया है, वहां सतर्क रहना जरूरी है। इससे किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सकता है।