दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क रहेगा, तेज धूप के कारण दिन में गर्मी बढ़ेगी, अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री रहने का अनुमान। 
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पहाड़ से लेकर मैदानों तक पारे में उछाल, बढ़ी गर्मी, जानें कब बरसेंगे बादल, कब बदलेगा मौसम

छह मार्च, 2026 को जारी अपडेट में कहा है कि आज, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों, गुजरात के तटीय इलाकों तथा छह व सात मार्च को कोंकण में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 11 मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी की संभावना।

  • उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री अधिक रहने का अनुमान।

  • पूर्वी भारत के ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं।

  • दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क रहेगा, तेज धूप के कारण दिन में गर्मी बढ़ेगी, अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री रहने का अनुमान।

  • तटीय आंध्र प्रदेश, गुजरात और कोंकण में 6 और 7 मार्च को गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की चेतावनी।

मार्च 2026 के पहले सप्ताह में भारत के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा चल सकती है। दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अंदेशा है। इस मौसम के बदलाव के पीछे कुछ बड़ी मौसमी प्रणालियां काम कर रही हैं।

मौसम विभाग ने आज सुबह, छह मार्च, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा है कि इस समय उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर तेज गति से बहने वाली हवाओं की एक पट्टी होती है। इन हवाओं की गति 85 नॉट यानी लगभग 150 किमी प्रति घंटा के आसपास बताई गई है।

जेट स्ट्रीम का असर यह होता है कि यह पश्चिम से आने वाले मौसम प्रणालियों को भारत की ओर ले आती है। इसी वजह से उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बादल बनते हैं और बारिश या बर्फबारी होती है।

इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बारिश और बर्फबारी होती है। यह पहाड़ी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे नदियों और जल स्रोतों को पानी मिलता है।

भारत के कुछ हिस्सों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है। यह एक ऐसी स्थिति होती है जब हवा गोल-गोल घूमती हुई ऊपर की ओर उठती है। इससे बादल बनते हैं और बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी ही स्थिति जम्मू और उसके आसपास के इलाकों में 3.1 किमी की ऊंचाई पर देखी जा रही है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों को देखते हुए मौसम विभाग का अनुमान है कि छह से 11 मार्च के बीच जम्मू और कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। साथ ही जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का भी पूर्वानुमान है।

हिमाचल प्रदेश में सात मार्च से 11 मार्च तक ऐसी स्थिति रहने की संभावना है। जबकि उत्तराखंड में आठ मार्च से 11 मार्च के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है

दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग की मानें तो आज दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क और साफ रहेगा। धूप खिली रहेगी, दिन चढ़ने के साथ ही धूप और तेज हो जाएगी। दिन में गर्मी का अहसास बढ़ जाएगा। वहीं पिछले कई दिनों से दिल्ली में तेज हवाएं चल रही थीं, एक बार फिर हवा की गति में लगाम लगने का अनुमान है। हवाओं की रफ्तार करीब पांच किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। दिल्ली में आज, छह मार्च को अधिकतम तापमान के 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

पूर्वी भारत में बारिश और आंधी-तूफान

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। दक्षिण असम और आसपास के इलाकों में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। इनके कारण पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में भी मौसम खराब हो सकता है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आठ मार्च से 11 मार्च के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

ओडिशा में आठ और नौ मार्च को बारिश की संभावना है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और झारखंड में नौ मार्च को बारिश के साथ बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है। 11 मार्च को बिहार के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

उत्तर-पूर्व भारत में गरज-चमक

उत्तर-पूर्व भारत के राज्यों में आठ मार्च से 11 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ जगहों पर तेज हवा भी चल सकती है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

देश भर में तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले दो दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अगले चार दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके कारण इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से पांच से छह डिग्री ज्यादा रहने के आसार हैं।

पश्चिमी भारत में तापमान की स्थिति देखें तो महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में अगले 24 घंटों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने का पूर्वानुमान नहीं है। इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ सकता है।

गुजरात में पहले दो दिनों में तापमान थोड़ा गिर सकता है और बाद में फिर से बढ़ने की आशंका है। कोंकण और गोवा में भी पहले हल्की गिरावट और बाद में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, पांच मार्च, 2026 को ओडिशा के झारसुगुड़ा में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उमस भरी गर्मी की चेतावनी

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि कुछ तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम भी रह सकता है। आज, छह मार्च को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों, गुजरात के तटीय इलाकों में और छह और सात मार्च को कोंकण में उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं

कुल मिलाकर मार्च के पहले सप्ताह में भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम देखने को मिलेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी होगी, पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से ज्यादा रह सकता है। लोगों को मौसम की इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।