पूर्वोत्तर राज्यों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में चार से आठ मार्च के बीच बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री अधिक रह सकता है।
देश के कई राज्यों में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार, कई राज्यों में गर्मी तेज।
चार से छह मार्च के बीच गुजरात तथा कोंकण-गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज, यानी तीन मार्च, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। पूर्वोत्तर भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में भारी बढ़ोतरी होने की आशंका है। पश्चिमी हिमालयी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और हिमपात की गतिविधियां बढ़ेंगी।
पूर्वोत्तर भारत में बारिश और आंधी-तूफान
पूर्वोत्तर भारत में इस समय ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार सक्रिय है। यह प्रसार मेघालय और आसपास के क्षेत्रों में ऊंचाई पर जारी है। इसके अलावा एक अन्य चक्रवाती प्रसार मध्य असम के आसपास 1.5 किमी की ऊंचाई पर बना हुआ है। इन मौसमी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में नमी की मात्रा बढ़ी हुई है।
आज, तीन मार्च, 2026 को असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं तथा बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।
इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई, जबकि देश के अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगभग 100 नॉट की गति से 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है। इसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।
चार मार्च की रात से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को प्रभावित करेगा। इसके बाद छह मार्च, 2026 से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इन दोनों के कारण पर्वतीय राज्यों में बारिश व बर्फबारी की संभावना है।
जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में चार से आठ मार्च के बीच हल्की बारिश या हिमपात हो सकता है। वहीं हिमाचल प्रदेश में सात और आठ मार्च को बारिश या बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में आठ मार्च को बारिश या हिमपात हो सकता है।
इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से यातायात प्रभावित हो सकता है।
उत्तर-पश्चिम भारत समेत कहां-कहां बढ़ेगा तापमान
आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। अगले पांच दिनों में तापमान सामान्य से चार से छह डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। इसके बाद भी तापमान में कोई विशेष गिरावट के आसार नहीं हैं।
इस बढ़ते तापमान के कारण दिन में गर्मी का अहसास बढ़ेगा। लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
मध्य भारत और महाराष्ट्र में भी गर्मी का असर
मध्य भारत में भी अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ और विदर्भ के कई इलाकों में अगले तीन दिनों के दौरान तापमान में अतिरिक्त दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
महाराष्ट्र में भी अगले चार दिनों में तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। गर्म हवाओं के कारण दिन का तापमान सामान्य से अधिक महसूस होगा।
गुजरात में और ज्यादा छलांग मारेगा पारा
मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का अंदेशा है। उसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा।
देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा और आसमान साफ रहने की उम्मीद है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, दो मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?
चार से छह मार्च, 2026 के बीच गुजरात के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरी परिस्थितियां बनी रह सकती हैं। इसी प्रकार कोंकण और गोवा में चार और पांच मार्च को गर्म और उमस भरे मौसम से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
कुल मिलाकर, पूर्वोत्तर भारत में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी, जबकि पश्चिमी हिमालयी इलाकों में दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। दूसरी ओर, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत में तापमान में भारी वृद्धि देखने को मिलेगी, जिससे कई जगहों पर सामान्य से अधिक गर्मी महसूस होगी।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के अनुसार मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और गर्मी वाले इलाकों में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।