पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में भारी बारिश और तेज हवाओं के आसार।
बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में आज ओलावृष्टि होने का खतरा, फसलों को नुकसान का अंदेशा।
कुरनूल में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री दर्ज, देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और अस्थिर मौसम का असर।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पर तेज हवाएं, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह जारी।
किसानों को जल निकासी का ध्यान रखना, तैयार फसलें सुरक्षित स्थान पर रखना और ओलावृष्टि से बचाव जरूरी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज, 28, मार्च 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तरों पर सक्रिय है और दूसरा पश्चिमी ईरान के आसपास बना हुआ है। इसके कारण देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।
साथ ही इस समय देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के ऊपर तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम भी चल रही है। इन सभी कारणों से मौसम अस्थिर हो गया है। यही वजह है कि कई राज्यों में अचानक बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ तूफान देखने को मिल रहा है।
किन राज्यों में होगी भारी बारिश व ओलावृष्टि?
विभाग ने उपरोक्त मौसमी प्रणालियों को देखते हुए आज, 28, मार्च 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि अचानक जलभराव और फिसलन की समस्या हो सकती है।
वहीं, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। ओले गिरने से फसलों को नुकसान हो सकता है और आम लोगों को भी सावधान रहने की सलाह दी गई है। गरज और बिजली के साथ बारिश के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचने को कहा गया है।
तेज हवाओं और आंधी का असर
कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ आंधी चल सकती है। खासकर पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा असम, बिहार, तेलंगाना और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। इससे पेड़ गिरने और बिजली बाधित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
समुद्री इलाकों में स्थिति
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्र में तेज हवाएं चल सकती हैं। जहां हवा की गति 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में पहले तापमान बढ़ेगा, फिर कुछ दिनों के लिए गिरावट आएगी और उसके बाद फिर से बढ़ोतरी होगी। पूर्वी भारत में पहले तापमान थोड़ा कम होगा और फिर धीरे-धीरे बढ़ेगा। मध्य भारत में अभी ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बाद में तापमान में गिरावट आ सकती है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 27 मार्च, 2026 को आंध्र प्रदेश के कुरनूल में अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?
देश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना हुआ है। खासकर तटीय कर्नाटक के इलाकों में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। यह मौसम शरीर को थका सकता है, इसलिए लोगों को पानी ज्यादा पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली और आसपास के इलाकों का मौसम
दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मौसम थोड़ा बदल सकता है। यहां बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव रहेगा, जिससे मौसम थोड़ा सुहावना महसूस हो सकता है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों को विशेष सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है। खेतों में पानी जमा न होने दें और उचित जल निकासी की व्यवस्था करें। जो फसलें पक चुकी हैं, उन्हें जल्द से जल्द काटकर सुरक्षित स्थान पर रखें। सब्जियों और फलों को भी सुरक्षित रखना जरूरी है।
ओलावृष्टि से बचाव के लिए जाल या कवर का उपयोग किया जा सकता है। इससे फसलों को नुकसान कम होगा। छोटे पौधों और नर्सरी को ढककर रखना चाहिए ताकि वे सुरक्षित रहें।
पिछले 24 घंटों में कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। असम, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अच्छी बारिश हुई है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश देखने को मिली है। यह दर्शाता है कि मौसम पूरी तरह से सक्रिय है और आने वाले दिनों में भी बदलाव जारी रहेगा।
कुल मिलाकर, इस समय देश का मौसम काफी अस्थिर है। पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी प्रणालियों के कारण कई राज्यों में बारिश, वज्रपात, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए। किसानों के लिए यह समय विशेष सावधानी का है ताकि वे अपनी फसलों को नुकसान से बचा सकें। विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में बदलाव और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपनी दिनचर्या और कार्यों की योजना बनाने का सुझाव दिया है।