पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी और कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका 
मौसम

पहाड़ों पर बर्फबारी, कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान व ओलावृष्टि के आसार

18 मार्च 2026 को जारी बुलेटिन के मुताबिक देशभर में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और कई इलाकों में ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती प्रसार के कारण उत्तर भारत सहित कई इलाकों में बदला मौसम, बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के आसार

  • दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिनों तक हल्की बारिश, तेज हवाएं और तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है

  • पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ बर्फबारी और कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका

  • पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में लगातार बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा, कई इलाकों में भारी बारिश

  • किसानों के लिए चेतावनी, ओलावृष्टि और तेज बारिश से फसलों को नुकसान, सुरक्षा उपाय अपनाने और मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी

इन दिनों भारत के कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं बारिश हो रही है, कहीं तेज हवाएं चल रही हैं और कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है। इस बदलाव का मुख्य कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती प्रसार तथा पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम है। इसके कारण बारिश, बर्फबारी और तेज हवाएं देखने को मिलती हैं। इस समय भी यही स्थिति बनी हुई है, जिससे देश के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर हो गया है।

उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 18, मार्च 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना लेकिन थोड़ा बदला हुआ रहेगा। सुबह और शाम के समय हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। कभी-कभी हवा की रफ्तार सामान्य से अधिक रहेगी, यानी 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे ठंडक महसूस होगी

तापमान भी बहुत ज्यादा नहीं रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। यहां अधिकतम तापमान के 34 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान के 19 डिग्री सेल्सियस रहने का पूर्वानुमान लगाया गया है।

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस मौसम का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। यहां बारिश के साथ-साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश से मौसम काफी ठंडा और खराब हो सकता है। कुछ हिस्सों में ओले गिरने का भी अंदेशा जताया गया है, जो खेती और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में भी मौसम बदल रहा है। यहां हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और कुछ जगहों पर आंधी-तूफान भी आ सकता है। ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। इससे किसानों को नुकसान हो सकता है, इसलिए उन्हें पहले से तैयारी करनी चाहिए।

पूर्वोत्तर भारत का मौसम

पूर्वोत्तर भारत की स्थिति भी अलग नहीं है। यहां अगले कई दिनों तक लगातार बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश होती रहेगी। गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित हो सकता है।

पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय है। पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे जलभराव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यहां भी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गरज और वज्रपात के साथ मौसम अचानक खराब हो सकता है।

मध्य भारत का मौसम

मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां भी गरज-चमक के साथ मौसम बदल सकता है। कुछ जगहों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। इसलिए खेती से जुड़े लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहना चाहिए।

दक्षिण भारत का मौसम

दक्षिण भारत में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं है। तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां भी गरज-चमक और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि यहां मौसम ज्यादा खराब नहीं होगा, लेकिन तापमान में गिरावट आएगी और हल्की ठंडक महसूस होगी।

पश्चिम भारत में मौसम की स्थिति

पश्चिम भारत के राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में भी हल्की बारिश की संभावना है। यहां मौसम में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में बारिश हो सकती है। इससे गर्मी थोड़ी कम हो सकती है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

इस पूरे मौसमीय बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ेगा। उत्तर भारत में पहले तापमान थोड़ा बढ़ेगा और फिर अचानक कम हो जाएगा। इससे लोगों को मौसम में बदलाव साफ महसूस होगा। मध्य और दक्षिण भारत में तापमान धीरे-धीरे कम होगा, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी। पूर्वोत्तर भारत में तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन बारिश के कारण मौसम ज्यादा गर्म महसूस नहीं होगा।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 17 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी और उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

लोगों और किसानों के लिए सलाह

ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। जब भी आंधी या तूफान आए, तो घर के अंदर रहें। पेड़ों के नीचे खड़ा होना खतरनाक हो सकता है क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है। खुले मैदान और पानी वाले स्थानों से दूर रहना चाहिए। बिजली के उपकरणों का उपयोग कम करना चाहिए और उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए।

किसानों के लिए यह समय थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ओलावृष्टि और तेज बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। इसलिए उन्हें अपने खेतों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। फलों और सब्जियों को ढककर रखना चाहिए और पानी के निकास का ध्यान रखना चाहिए ताकि खेतों में पानी जमा न हो।

अंत में कहा जा सकता है कि इस समय देशभर में मौसम में जो बदलाव हो रहा है, वह सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पश्चिमी विक्षोभ व देश के विभिन्न हिस्सों में जारी चक्रवाती प्रसार के कारण यह बदलाव आया है, जो कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूर रखनी चाहिए। मौसम की जानकारी लेते रहना और सुरक्षित रहना सबसे जरूरी है।