पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और चक्रवाती प्रसार के कारण कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के आसार।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 16 से 21 मार्च के बीच बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी संभव।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज के साथ बारिश और 40-60 किमी प्रति घंटे तेज हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार में 16 मार्च को तेज आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा।
मौसम बदलाव से तापमान में गिरावट, किसानों को फसल नुकसान का खतरा, लोगों को खराब मौसम में सतर्क रहने की सलाह।
भारत के कई राज्यों में एक बार फिर बारिश, आंधी-तूफान व ओले गिरने से मौसम बदल गया है, तपती गर्मी से कुछ राहत मिली है। इसके पीछे के कारणों में पश्चिमी विक्षोभ, देश के विभिन्न हिस्सों में बने ऊपरी हवाओं का चक्रवात और उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम माने जा रहे हैं। इन मौसमी गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी, आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 16 मार्च 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि मौसमी गतिविधियों की वजह से उत्तर भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
उत्तर भारत में मौसम का असर
उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों का सबसे ज्यादा असर उत्तर भारत में देखा जा सकता है। 16 मार्च से 21 मार्च की बीच जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है।
इन राज्यों के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने, गरज के साथ बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि का अंदेशा जताया गया है। इसके साथ ही 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में भी बदलेगा मौसम
पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में आने वाले दिनों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। आज,16 मार्च को इन राज्यों के कुछ हिस्सों पर हल्की बारिश और तेज हवा चल सकती है। इसके बाद 19 मार्च को तेज आंधी और गरज के साथ बारिश के आसार हैं। इस बीच यहां हवा की गति 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 मार्च को गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16, 19 और 20 मार्च को वज्रपात होने तथा तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। खासकर 16 मार्च और 19 से 21 मार्च के बीच मौसम बदल सकता है।
दिल्ली-एनसीआर के मौसम का मिजाज
कल 15 मार्च को दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश हुई तथा कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे। इस वजह से तापमान लुढ़क गया और सुबह से ही ठंडी हवाएं चली और मौसम सुहावना हो गया।
आज, देश की राजधानी में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। इसकी वजह से सूरज और बादलों के बीच लुका-छिपी नजर आ सकती है। गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और एनसीआर के अन्य इलाकों में आज तेज हवाओं के साथ बारिश-बौछारें पड़ने के आसार हैं। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान के 27 से 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 16 से18 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है।
पूर्वी भारत में तूफानी हवाएं और ओलावृष्टि
पूर्वी भारत के कई राज्यों में 16 मार्च को तेज आंधी और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और बिहार में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ हिस्सों में हवा की गति 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे फसलों और पेड़ों को नुकसान हो सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। 16 और 17 मार्च को असम और मेघालय तथा अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में कहीं-कहीं बर्फबारी भी हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश की संभावना
दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 16 से 19 मार्च के बीच गरज के साथ बारिश की संभावना है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में हवा की गति लगभग 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा गया कि आने वाले दिनों में तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान फिर बढ़ सकता है।
पूर्वी भारत में भी कुछ दिनों के बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री की गिरावट आ सकती है। गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी तापमान में दो से चार डिग्री तक की कमी आने का अनुमान है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 15 मार्च, 2026 को महाराष्ट्र के अमरावती में अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के अलवर में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
खेती पर असर
मौसम में इस बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। विशेष रूप से गेहूं की फसल पर इसका असर पड़ सकता है।
तेज गर्मी और नमी की कमी से गेहूं के दानों का विकास प्रभावित हो सकता है। इसके कारण दाने छोटे और हल्के रह सकते हैं। इसके अलावा दलहन और तिलहन फसलों में फूल गिरने, फलियां कम बनने और बीज का आकार छोटा होने की आशंका भी रहती है। आलू जैसी फसलों में भी उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
लोगों के लिए सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। गरज और बिजली गिरते समय घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि यदि संभव हो तो यात्रा से बचना चाहिए। पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए और खुले मैदान में भी नहीं रुकना चाहिए। बिजली गिरने के खतरे के समय मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए। पानी के स्रोतों जैसे तालाब या नदी से दूर रहना भी जरूरी है।
कुल मिलाकर अलग-अलग मौसमी गतिविधियों के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम बदलने वाला है। उत्तर भारत में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका है जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है।
लोगों को मौसम की जानकारी पर नजर रखनी चाहिए और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। इससे किसी भी तरह की दुर्घटना या नुकसान से बचा जा सकता है।