उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात का पूर्वानुमान।
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली में वज्रपात, ओलावृष्टि और 50 किमी प्रति घंटे तक हवाएं चल सकती हैं।
ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में सुबह घना कोहरा छाने से दृश्यता कम रहने की आशंका।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका तट के पास तूफानी हवाएं, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह यानी, 18 फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्रों में भी कुछ मौसम प्रणालियां बनी हुई हैं। इसके कारण बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अंदेशा है। कुछ जगहों पर कोहरा भी रहेगा। तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के मध्य भाग और उसके आसपास सक्रिय है। इसके साथ ही एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के पास बना हुआ है। ये दोनों प्रणालियां उत्तर भारत के मौसम पर असर डाल रही हैं।
इसके अलावा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर चल रही है। इन सभी कारणों से पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम बदल रहा है। कई राज्यों में बादल छाए रहेंगे जबकि कई जगहों पर बारिश व बर्फबारी जारी रहेगी।
पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। विभाग ने कहा है कि आज, 18 फरवरी, 2026 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद तथा हिमाचल प्रदेश में बारिश तथा ऊंचाई वाले हिस्सों में हिमपात के आसार हैं। जबकि 18 और 19 फरवरी को उत्तराखंड में भी इसी तरह के मौसम के बने रहने का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में रहने वाले लोगों को ठंड और फिसलन से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश, वज्रपात और ओलावृष्टि का अंदेशा
मैदानी इलाकों में भी मौसमी प्रणालियों का असर दिखेगा, यहां भी मौसम बदलेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 फरवरी को हल्की बारिश हो सकती है। दिनभर बादल छाए रहेंगे और दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है।
उत्तर के कुछ मैदानी राज्यों में तूफानी हवाएं चलने बिजली गिरने तथा ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। इन राज्यों में पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब व दिल्ली शामिल हैं, जहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां ओले भी गिरने का अंदेशा जताया गया है।
इस दौरान लोगों को खुली जगहों में खड़े होने से बचना चाहिए और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेनी चाहिए। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा करें, क्योंकि तेज हवा और ओले नुकसान पहुंचा सकते हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी वज्रपात और गरज के साथ बारिश होने के आसार जताए गए हैं।
कहां छाएगा कोहरा?
पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा रह सकता है। ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19 फरवरी तक कोहरा छाने की आशंका जताई गई है। कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है। वाहन चालकों को धीरे और सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है। जबकि इसी दौरान मध्य भारत में तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है।
गुजरात में अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। दक्षिणी महाराष्ट्र में भी अगले दो दिनों में तापमान बढ़ सकता है। पूर्वी भारत में अभी तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। उसके बाद हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
अधिकतम तापमान में बदलाव की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में अगले दो दिनों में दिन का तापमान दो से चार डिग्री तक गिर सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे फिर से बढ़ोतरी होगी।
गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। उसके बाद दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल,17 फरवरी, 2026 को केरल के कोच्चि में अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दक्षिण भारत और समुद्री इलाकों की स्थिति
दक्षिण के समुद्री इलाकों में भी एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह प्रणाली भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास सक्रिय है। यह आगे चलकर और मजबूत हो सकती है।
इसके कारण दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के तट के पास तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जहां 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं। विभाग ने तूफानी गतिविधि को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
अंडमान-निकोबार में कैसा रहेगा मौसम?
अंडमान और निकोबार के इलाकों में बिजली गिरने तथा गरज के साथ हल्की बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग की लोगों के लिए सलाह
विभाग ने कहा कि बारिश व बर्फबारी के चलते पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा सोच-समझकर करें। आंधी और ओलावृष्टि के समय सुरक्षित स्थान पर रहें। कोहरे में वाहन धीरे चलाएं। मछुआरे समुद्र में जाने से बचें।
कुल मिलाकर, देश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक मौसम बदलता रहेगा। कहीं बारिश और बर्फबारी होगी, तो कहीं आंधी और तेज हवाएं चलेंगी। लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।