पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 17 से 19 फरवरी के बीच उत्तर भारत में मौसम में बदलाव की संभावना।
पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश और बर्फबारी, मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ वर्षा के आसार।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान 25 डिग्री तक, बूंदाबांदी से बाद में न्यूनतम तापमान में गिरावट संभव।
कोंकण-गोवा व तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी, दक्षिण भारत में नमी भरा मौसम बना रहेगा।
अंडमान-निकोबार और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं, मछुआरों को समुद्र में सावधानी बरतने की सलाह।
फरवरी के दूसरे पखवाड़े में देश के मौसम में बदलाव के स्पष्ट संकेत दिखाई दे रहे हैं। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ पूर्वी तुर्कमेनिस्तान और उससे सटे अफगानिस्तान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में सक्रिय है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के ऊपर 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 130 नॉट की रफ्तार से उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम बह रही है। इन दोनों प्रणालियों का असर 17 से 19 फरवरी के बीच उत्तर भारत के मौसम पर पड़ेगा।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 16 फरवरी, 2025 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के कारण पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश और बर्फबारी तथा मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना है।
उत्तराखंड में शुष्क और स्थिर मौसम
मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार, उत्तराखंड के सभी जिलों में 16 फरवरी को मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहेगा। पिछले दिनों की तरह दिन में तेज धूप निकलेगी, जबकि सुबह और शाम के समय ठंड का असर रहेगा।
आज, बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है। साफ मौसम किसानों के लिए लाभदायक है क्योंकि फसलों को पर्याप्त धूप मिल रही है। हालांकि तापमान में दिन और रात के बीच अंतर बढ़ रहा है, इसलिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से एक बार फिर 17 और 18 फरवरी को उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
हिमाचल प्रदेश में धूप से बढ़ा तापमान
हिमाचल प्रदेश में इन दिनों मौसम साफ बना हुआ है और धूप खिलने से तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है। शिमला, मनाली और कांगड़ा समेत अधिकतर इलाकों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से अधिक है। वहीं ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने कहा है कि हिमाचल पर भी पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा जिससे 17 और 18 फरवरी को यहां भी ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में दिन गर्म, रात ठंडी
जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में मौसम के साफ रहने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। कश्मीर घाटी में अधिकतम तापमान सामान्य से सात से नौ डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। हालांकि रात के समय अभी भी ठंड बनी हुई है।
17 से 19 फरवरी के बीच जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इससे दिन के तापमान में गिरावट आने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से तापमान बढ़ रहा था और लोगों को फरवरी में ही गर्मी का अहसास होने लगा था। लेकिन अब मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है।
यहां 17 और 18 फरवरी को हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं आज, दिल्ली में अधिकतम तापमान 25 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान के 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में एक बार फिर से गिरावट दर्ज की जा सकती है।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में बारिश के आसार
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों पर भी दिखेगा, जिसके चलते 17 और 18 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 18 और 19 फरवरी को भी बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में 17 और 18 फरवरी को मौसम में स्पष्ट बदलाव देखने को मिलेगा, जहां हल्की बारिश और बूंदाबांदी हो सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद बारिश संबंधी गतिविधियों के कारण तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
पश्चिम भारत में भी न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी की संभावना है। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके धीरे-धीरे बाद दो से तीन डिग्री की वृद्धि हो सकती है। देश के अन्य हिस्सों में तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल,15 फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में उत्तराखंड के पंतनगर में न्यूनतम तापमान 6.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दक्षिण भारत में गर्म और उमस भरा मौसम
दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में उमस भरी गर्मी बनी रहेंगी। 16 और 17 फरवरी को तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा, जबकि 16 फरवरी को कोंकण और गोवा में भी उमस महसूस की जाएगी।
पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों में उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। साथ ही लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिण-पूर्व अरब सागर के ऊपर भी ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है।
अंडमान-निकोबार और समुद्री चेतावनी
विभाग के मुताबिक, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं के साथ बारिश व वज्रपात होने के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में जाने पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
लब्बोलुआब यह कि देश के अधिकतर हिस्सों में फिलहाल मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है। लेकिन 17 से 19 फरवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम बदलेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना है। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की आवश्यकता है।