जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।  फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

उत्तर से दक्षिण भारत तक जानें कहां कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर जारी अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ व पश्चिमी जेट स्ट्रीम के चलते जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड जैसे राज्यों में बारिश-बर्फबारी की संभावना है।

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ के असर से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश व बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

  • 30 जनवरी की रात से नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में फिर से मौसम में बदलाव ला सकता है।

  • पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश तथा घना कोहरा छाने के आसार हैं।

  • हिमालयी क्षेत्रों में ओलावृष्टि और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।

  • दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में तेज हवाएं, गरज-चमक और समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है।

देश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम तेजी से बदल रहा है। खासतौर पर उत्तर भारत, पश्चिमी हिमालयी इलाकों और दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मौसम की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस), चक्रवाती प्रसार, तेज हवाएं और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय जेट स्ट्रीम है। आने वाले दिनों में बारिश, बर्फबारी, आंधी, ओलावृष्टि, कोहरा और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 26 जनवरी, 2026 को गणतंत्र दिवस के मौके पर जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ इस समय मध्य और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है। यह उत्तर भारत के मौसम के मिजाज को बदल रहा है। इसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

इसके अलावा, 30 जनवरी, 2026 की रात से एक और नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को बदल सकता है। इससे एक बार फिर मौसम में बदलाव आने की संभावना जताई गई है।

साथ ही दक्षिण पंजाब और उसके आसपास के इलाकों के निचले स्तरों पर चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसी से जुड़ी एक ट्रफ दक्षिण पंजाब से लेकर दक्षिण-पश्चिम राजस्थान तक फैली हुई है। इन मौसमी गतिविधियों के कारण अगले कुछ दिनों में पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है

हालांकि हिमाचल प्रदेश और पंजाब के ऊपर बना पुराना चक्रवाती प्रसार अब कमजोर पड़ गया है। इसी तरह मध्य उत्तर प्रदेश में बना ऊपरी हवा का प्रसार भी अब ज्यादा प्रभावी नहीं रहा है। उत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम बहुत सक्रिय है। इसकी रफ्तार लगभग 125 नॉट्स तक पहुंच रही है। इस तेज जेट स्ट्रीम के कारण पहाड़ी इलाकों में मौसम और ज्यादा खराब हो सकता है।

उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते आज, 26 जनवरी, 2026 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है। वहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।

मैदानी इलाकों में बारिश और कोहरा

पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में छिटपुट से लेकर हल्की बारिश हो सकती है। इससे फसलों को कुछ हद तक फायदा मिल सकता है, लेकिन ओलावृष्टि होने पर नुकसान की भी आशंका है।

उत्तर प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में घना कोहरा छाने के आसार हैं। सुबह और रात के समय दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में बदला मौसम

दक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। कोमोरिन क्षेत्र से लेकर उत्तरी केरल तट तक पूर्वी हवाओं में एक ट्रफ बनी हुई है। इसके कारण केरल और माहे में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है

दक्षिण तमिलनाडु तट, श्रीलंका तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

वहीं, पूर्वोत्तर अरब सागर और उत्तर गुजरात तट के पास भी तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। समुद्र में लहरें ऊंची रह सकती हैं। मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाएं या बहुत सावधानी बरतें।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग की मानें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान चार से छह डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। फिर अगले तीन दिनों में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।

मध्य भारत में भी अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा। इसके बाद दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होगी और फिर दो से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

महाराष्ट्र में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ सकता है, जबकि गुजरात में पहले तापमान बढ़ेगा और बाद में गिरावट देखने को मिलेगी। देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 25 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के होनावर में अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान माइनस 0.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

कुल मिलाकर देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और आंधी-तूफान, मैदानी इलाकों में बारिश और कोहरा, जबकि तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। आम लोगों, किसानों और मछुआरों को मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।