पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में शीतलहर जारी।
उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में कड़ाके की ठंड, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और पाला पड़ने के आसार।
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में शीतलहर के साथ घने से बहुत घना कोहरा, जनजीवन प्रभावित।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के बाद रोहतांग पास बंद, पर्यटन स्थलों पर ठंड बढ़ी और तापमान में गिरावट।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत में ठंड से राहत नहीं, तापमान और गिर सकता है।
नए साल की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों में मौसम ने कड़ा रुख अपना लिया है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने के कारण पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठंड, शीतलहर तथा घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, दो जनवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है।
वर्तमान समय में पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के ऊपर ऊपरी हवाओं में सक्रिय है। इसके साथ ही मध्य और ऊपरी स्तरों पर एक ट्रफ भी बनी हुई है, जिसका असर उत्तर भारत के बड़े हिस्से में देखा जा रहा है। इसके अलावा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है, जिसकी हवा की गति लगभग 115 नॉट तक पहुंच रही है। यही कारण है कि सर्दी का प्रकोप और अधिक तीव्र हो गया है।
उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड जारी
उत्तराखंड में दो जनवरी को भी मौसम में किसी तरह की राहत के संकेत नहीं हैं। नए साल की शुरुआत से ही राज्य में शीतलहर और सर्द हवाओं का असर देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के मैदानी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का अंदेशा है। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, काशीपुर और कोटद्वार जैसे क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान चार से छह डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
वहीं पहाड़ी जिलों जैसे चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में तापमान और भी नीचे लुढ़क सकता है। यहां सुबह के समय न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे या दो डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में पाला पड़ने और हल्की बर्फबारी की भी आशंका जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से बढ़ी ठंड
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में हाल ही में बर्फबारी दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति, मनाली, कसौली, डलहौजी और कुफरी जैसे पर्यटन स्थलों पर हल्की बर्फबारी हुई, जिससे पर्यटकों में उत्साह देखा गया। लाहौल-स्पीति के कोकसर क्षेत्र में 1.7 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि गोंडला में 0.3 सेंटीमीटर बर्फ गिरने की सूचना है।
बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट आई है। सुरक्षा कारणों से रोहतांग पास को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग ने चंबा, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों के ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके साथ ही ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जैसे मैदानी जिलों में शीतलहर की चेतावनी दी गई है।
जम्मू और कश्मीर में भारी हिमपात
जम्मू और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में लगातार भारी बर्फबारी हो रही है। गुलमर्ग, पहलगाम और अन्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बर्फ की मोटी चादर से ढके हुए हैं। हालांकि यह दृश्य पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए ठंड और यातायात बाधाओं के कारण कठिनाइयां बढ़ गई हैं। कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और रोजमर्रा के जीवन पर असर पड़ा है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के मैदानी इलाके
दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में हुई हल्की बूंदाबांदी और बादल छाए रहने से ठंड और अधिक बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में पांच जनवरी तक शीतलहर बनी रह सकती है, जबकि छह जनवरी तक घने कोहरे के आसार हैं। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान के 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी ठंड का प्रकोप जारी है। हल्की बारिश के बाद इन राज्यों में शीतलहर और कोहरे की स्थिति और गंभीर हो गई है।
मध्य प्रदेश में कोहरे का असर
मध्य प्रदेश में नए साल के पहले ही दिन मौसम ने अचानक करवट ली। राज्य के उत्तरी हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय 16 जिलों में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि पांच जिलों में बादल छाए रहे। हालांकि भीषण ठंड से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों में तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी संभव है, जबकि बाद में फिर गिरावट आ सकती है।
महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है, वहीं गुजरात में पहले गिरावट और फिर बढ़ोतरी के संकेत हैं। पूर्वोत्तर भारत में अगले एक सप्ताह तक तापमान में खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, एक जनवरी, 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम-सिटी में अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्रों की स्थिति
दक्षिण भारत में श्रीलंका तट के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके चलते तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ हिस्सों में वज्रपात तथा गरज के साथ बारिश हो सकती है। वहीं सोमालिया तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
कुल मिलाकर देश के बड़े हिस्से में ठंड, कोहरा और बर्फबारी का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में हिमपात और मैदानी क्षेत्रों में शीतलहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने, ठंड से बचाव करने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले कुछ दिनों तक सर्द मौसम का यह सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।