उत्तर भारत में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं का दौर जारी, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट।
दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान बढ़ने का अंदेशा, वहीं असम-मेघालय में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी।
मौसम विभाग ने आज, कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका जताई है, साथ ही किसानों को सतर्क रहने का सुझाव दिया है।
केरल में मॉनसून के जल्द दस्तक का अनुमान, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी जारी रहेगी।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में लू, भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी।
देश के कई राज्यों में मौसम मनमौजी हो रहा है। एक ओर उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 18 मई, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रसार के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसमीय गतिविधियां जारी रहेंगी।
उत्तर भारत में भीषण गर्मी
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में गर्मी लगातार बढ़ रही है। राजधानी दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल दिल्ली में बारिश की संभावना बहुत कम है। तेज गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
पश्चिम उत्तर प्रदेश में कुछ हिस्सों में भीषण लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं राजस्थान में गर्म रातें लोगों को परेशान कर सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से कम निकलने और अधिक पानी पीने की सलाह दी है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और तेज हवाएं
जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण फिसलन और छोटे भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। पर्यटकों से भी मौसम को देखते हुए यात्रा करने की अपील की गई है।
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट
असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश के दौर के जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है। प्रशासन ने लोगों को नदी और नालों के पास न जाने तथा खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने की सलाह दी है। भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश और आंधी
केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। कई जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। भारी बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव की समस्या हो सकती है।
पूर्वी और मध्य भारत में बदलेगा मौसम
पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। झारखंड में तेज आंधी और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगहों पर हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी हल्की बारिश और तेज हवाओं के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है।
मॉनसून की प्रगति
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके दक्षिण अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों में पहुंचने की संभावना है। केरल में मॉनसून 26 मई के आसपास पहुंच सकता है। हालांकि इसमें चार दिन आगे या पीछे होने की संभावना भी जताई गई है।
मॉनसून की प्रगति से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। कई राज्यों में लंबे समय से गर्मी और उमस बनी हुई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार, 21 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसके बाद 22 और 23 मई के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इससे दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लोगों को तेज गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है।
महाराष्ट्र और गुजरात में 19 मई तक तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि 20 से 22 मई के बीच इन राज्यों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ तेलंगाना में 19 मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 20 से 23 मई के दौरान तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 17 मई, 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लू और भीषण गर्मी की चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में लू और अत्यधिक गर्म मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ इलाकों में लू चलने की आशंका है। इन राज्यों में दिन के समय तेज गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है। यहां भीषण लू चलने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर कम निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
वहीं पश्चिम राजस्थान में गर्म रातों की स्थिति बनी रह सकती है। रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
उपरोक्त भीषण गर्मी व गर्म हवाओं को देखते हुए विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान, चक्कर और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में हल्के कपड़े पहनने, अधिक तरल पदार्थ लेने और धूप से बचाव करने की जरूरत है।
किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिन इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं वहां किसान पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी कर लें। खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें ताकि जलभराव से फसल खराब न हो।
तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में केले, मक्का और सब्जियों की फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी पशुओं को तेज गर्मी और बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया है। दक्षिण भारत के राज्यों में लगातार नमी और बारिश के कारण फसलों में फंगल रोग बढ़ सकते हैं। ऐसे में किसान मौसम साफ रहने पर ही दवाइयों का छिड़काव करें।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
गर्मी वाले इलाकों में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करना जरूरी है।
बारिश और बिजली गिरने वाले क्षेत्रों में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से नियमित रूप से मौसम की जानकारी लेते रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है।
देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश राहत दे रही है तो कहीं बढ़ती गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।