पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर भारत में मौसम अचानक बदला, कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका बढ़ी।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की भी चेतावनी दी गई।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में तेज हवाओं के साथ बारिश, कुछ इलाकों में ओले गिरने से नुकसान की आशंका।
कई राज्यों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
तापमान में 3 से 5 डिग्री गिरावट से राहत मिलेगी, लेकिन अचानक बदलाव से स्वास्थ्य और फसलों पर असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग के द्वारा आज, तीन अप्रैल 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ इस समय अफगानिस्तान और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इस बार यह प्रणाली काफी मजबूत है, इसलिए इसका असर देश के कई हिस्सों में देखा जा सकता है। इसके साथ ही हवा के ऊपरी हिस्सों में भी हलचल बनी हुई है। पश्चिमी भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम चल रही है। इन मौसमी प्रणालियों के चलते देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका बढ़ गई है। यह स्थिति खासकर उत्तर भारत और मध्य भारत के लिए अहम है।
कहां-कहां है आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के आसार?
विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में तेज तूफानी हवाएं चलने और ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
मौसमी गतिविधियों का असर उत्तर के मैदानों में भी देखने को मिल सकता है, जहां मौसम अचानक बदल सकता है। देश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश के साथ ओलावृष्टि का भी अंदेशा जताया गया है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं, जिससे फसलों और पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी ऐसा मौसम देखने को मिल सकता है। इस तरह का मौसम अचानक बदलता है और कुछ समय के लिए तेज रहता है।
तेज हवाओं का बढ़ता खतरा
इस मौसम में तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। कई राज्यों में हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इतनी तेज हवा से पेड़ गिर सकते हैं, बिजली के खंभे टूट सकते हैं और लोगों को परेशानी हो सकती है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है। ऐसे में लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। खुले में रखी चीजों को सुरक्षित रखना चाहिए और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर अलग-अलग रहेगा। उत्तर भारत में जहां आंधी और बारिश का असर ज्यादा होगा, वहीं पूर्वी भारत में तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों जैसे असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने के आसार जताए गए हैं। वहीं गुजरात, कर्नाटक और तेलंगाना में भी गरज और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।
तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत
बदलते मौसम के कारण देश के कुछ हिस्सों में तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी। उत्तर और मध्य भारत में तापमान लगभग तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है। इससे मौसम कुछ दिनों के लिए ठंडा महसूस होगा। यह गिरावट तीन और चार अप्रैल को ज्यादा देखने को मिलेगी और उसके बाद तापमान सामान्य या सामान्य से थोड़ा कम बना रहेगा। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन अचानक ठंडा मौसम स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है।
कहां रहेगा गर्म और उमस भरा मौसम?
मौसम विभाग की मानें तो तीन व चार अप्रैल के दौरान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम रहने के प्रबल आसार हैं। इस तरह का मौसम शरीर को थका देता है और स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। इसलिए लोगों को पानी अधिक पीना चाहिए और धूप से बचना चाहिए।
किसानों के लिए सलाह
इस मौसम का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ सकता है। ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान होने की आशंका है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे पकी हुई फसलों को जल्दी काट लें और सुरक्षित स्थान पर रख दें।
फल और सब्जियों की फसलों को बचाने के लिए जाल या कवर का उपयोग करना चाहिए। खेतों में पानी की निकासी का भी ध्यान रखना जरूरी है, ताकि अधिक पानी से फसल खराब न हो। तेज हवा से बचाव के लिए पौधों को सहारा देना भी जरूरी है।
आम लोगों के लिए सावधानियां
इस तरह के मौसम में आम लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए। तेज आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए।
घर की छत या बालकनी में रखी ढीली चीजों को अच्छी तरह से बांधकर रखना चाहिए। यात्रा करते समय मौसम की जानकारी जरूर लें और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इस समय देश में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण कई राज्यों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा है, जबकि मैदानी इलाकों में तेज हवाएं और बारिश लोगों के लिए चुनौती बन सकती हैं।
हालांकि तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हुए हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और खुद को सुरक्षित रखें।