उत्तराखंड में ठंड ऊंचाई वाले इलाकों में छोटे–छोटे तालाबों और जल स्रोतों का तकरीबन 80 प्रतिशत पानी रात में जम जा रहा है। 
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मौसम का मिजाज: उत्तर में कोहरा सर्द हवाएं, जमा पानी, दक्षिण में चक्रवात ‘दित्वाह’ ने बढ़ाई चिंता

उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरा, दक्षिण में चक्रवात ‘दित्वाह’ से भारी बारिश, देशभर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है।

Dayanidhi

  • उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और कई जगहों पर घना कोहरा, पानी जमने से आम जनजीवन प्रभावित।

  • उत्तराखंड, हिमाचल और कश्मीर में तापमान तेजी से गिरा, कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ ठंड।

  • दिल्ली–एनसीआर में ठंड के साथ प्रदूषण गंभीर स्तर पर, एक्यूआई 300 से ऊपर।

  • चक्रवात ‘दित्वाह’ के चलते तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल में भारी से भयंकर बारिश का रेड अलर्ट।

  • दक्षिणी राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा, कई जिलों में तूफानी हवाएं और समुद्री चेतावनी जारी।

नवंबर का महीना समाप्त होने के साथ ही देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। कहीं ठंड नई ऊंचाइयों को छू रही है, कहीं घना कोहरा आम जीवन को प्रभावित कर रहा है, तो दक्षिण भारत में चक्रवात ‘दित्वाह’ के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज सुबह, 29 नवंबर, 2025 को जारी पूर्वानुमान में देश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के मिजाज में भारी बदलाव दिखेगा।

उत्तर भारत में बढ़ती ठंड और गिरता तापमान

उत्तर पश्चिम भारत में अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं। यह संकेत है कि दिसंबर की शुरुआत में ठंड का प्रकोप बढ़ सकता है

देश की राजधानी दिल्ली–एनसीआर में सुबह और शाम के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। 28 नवंबर को दिल्ली का न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। आज न्यूनतम तापमान के 11 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। दिन में धूप खिलने की वजह से अधिकतम तापमान के 26 से 29 डिग्री के बीच रहने की संभावना है, लेकिन शाम होते–होते ठंड फिर से बढ़ जाएगी।

दिल्ली में प्रदूषण भी लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 से ऊपर पहुंच गया है, जो ‘‘बहुत खराब’’ श्रेणी में आता है। ठंड और प्रदूषण का यह दोहरा प्रभाव स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन चुका है।

उत्तराखंड: ऊंचाई वाले इलाकों में जम रही हैं जलधाराएं

उत्तराखंड में ठंड का असर बेहद तेज हो गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में छोटे–छोटे तालाबों और जल स्रोतों का तकरीबन 80 प्रतिशत पानी रात में जम जा रहा है। यह पहाड़ों में बढ़ती ‘‘सूखी ठंड’’ का स्पष्ट संकेत है, जिसमें तापमान शून्य से नीचे चले जाते हैं। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा के परमिट फिलहाल रोक दिए गए हैं, क्योंकि अत्यधिक ठंड के कारण यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर और जनवरी में रिकॉर्ड तोड़ ठंड देखने को मिल सकती है। यह लगातार तीसरा साल होगा जब पहाड़ों में ठंड अपना नया स्तर स्थापित करेगी।

हिमाचल प्रदेश में तापमान में तेजी से गिरवाट

हिमाचल प्रदेश में भी तापमान काफी नीचे चला गया है। लाहौल-स्पीति जिले के कुछ हिस्सों में तापमान अत्यधिक नीचे पहुंच गया है। कई जिलों में सुबह के समय तेज कोहरा छाया हुआ है - खासकर मनाली, शिमला, मंडी और बिलासपुर में। मौसम विभाग के अनुसार चार दिसंबर तक मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। 29 और 30 नवंबर को बिलासपुर और मंडी में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है।

जम्मू और कश्मीर में 18 साल का रिकॉर्ड टूटा

कश्मीर घाटी में ठंड ने एक बार फिर लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। शोपियां जिले में 18 साल का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड टूट गया है। तापमान इतना नीचे पहुंच गया कि पानी की पाइपें जम गई हैं, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी बाधित हो रही है।

पानी की कमी से लोग परेशान हैं और सुबह-शाम बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, जम्मू में मौसम साफ रहा और अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कोहरे का कहर: आने वाले दिनों में बढ़ेगी दिक्कत

मौसम विभाग ने कई राज्यों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में 29 नवंबर से एक दिसंबर तक, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29 और 30 नवंबर को, पूर्वी राजस्थान में 30 नवंबर से एक दिसंबर को ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में घना कोहरा छाने का अंदेशा जताया गया है

कोहरा सड़क यातायात और हवाई यातायात दोनों को प्रभावित कर सकता है। लोगों को सुबह के समय यात्रा करते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य और पूर्वी भारत: तापमान में मिश्रित रुझान

मध्य भारत में अगले 48 घंटों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होगी। पूर्वी भारत में अगले चार दिनों तक तापमान स्थिर रहेगा और फिर इसमें दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।

महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ेगा, जबकि गुजरात में 48 घंटों के बाद तापमान तीन से चार डिग्री तक बढ़ सकता है। पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

चक्रवात ‘दित्वाह’: दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाएं

दक्षिण भारत पर इस समय चक्रवात दित्वाह (Ditwah) का असर दिख रहा है। यह चक्रवाती तूफान श्रीलंका के उत्तरी हिस्सों के पास स्थित है और उत्तर–उत्तर–पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। यह 30 नवंबर की सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्रप्रदेश के तटों के निकट पहुंचने की आशंका है।

चक्रवात ‘दित्वाह की वजह से आज, 29 नवंबर, 2025 को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ हिस्सों में गरज के साथ भयंकर बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने यहां बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

चक्रवात दित्वाह पर नजर

वहीं आज, आंध्र प्रदेश में भी गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है, तथा यहां 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।

वहीं आज, 29 नवंबर, 2025 को केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में गरज के साथ भारी बारिश के साथ बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है

चक्रवात के चलते आज, दक्षिण केरल तट, लक्षद्वीप, कोमोरिन क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण–पश्चिम हिस्सों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।

वहीं आज, तमिलनाडु तट, श्रीलंका और मन्नार की खाड़ी में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की रफ्तार में और इजाफा होकर 65 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने का अंदेशा है। इन तूफानी गतिविधियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

अचानक का खतरा बढ़ा

मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों में तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है

विशेष रूप से चेन्नई के आसपास, कोयंबटूर, कांचीपुरम, कन्याकुमारी, मदुरई, तिरुनेलवेली, तिरुपुर, नीलगिरी, इडुक्की और नेल्लोर जिलों में स्थिति गंभीर हो सकती है।

कुल मिलाकर, देश में मौसम की स्थिति इस समय काफी जटिल है। उत्तर भारत में ठंड और कोहरा बढ़ रहा है, पहाड़ी राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ ठंड ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं, जबकि दक्षिण भारत में चक्रवात दित्वाह भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ समुद्री इलाकों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि लोग मौसम विभाग द्वारा जारी की जा रही सलाहों और चेतावनियों का पालन करें, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।