पहाड़ी इलाकों में पाले (फ्रॉस्ट) जैसी स्थितियां भी बनने लगी हैं। फोटो साभार : विकिमीडिया कॉमन्स
मौसम

चक्रवात 'सेंयार' के कारण दक्षिण में भारी बारिश, उत्तर में पाला, सर्द व शुष्क मौसम

चक्रवात ‘सेंयार’ से दक्षिण भारत में भारी बारिश, जबकि उत्तर भारत पाला, कोहरे और शुष्क ठंड की बढ़ती मार झेल रहा है।

Dayanidhi

  • चक्रीय तूफान ‘सेंयार’ से दक्षिण भारत में तूफानी हवाएं, भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट।

  • उत्तर भारत में पाला, शुष्क ठंड और कई जगहों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री कम।

  • कश्मीर में तापमान माइनस 3.9 डिग्री सेल्सियस, दिसंबर के दूसरे सप्ताह में भारी बर्फबारी का पूर्वानुमान।

  • दिल्ली-एनसीआर में कल सीजन की सबसे ठंडी सुबह, एक्यूआई 349 के साथ प्रदूषण बेहद गंभीर स्तर पर।

  • हिमाचल में शुष्क ठंड चरम पर, कई इलाकों में घने कोहरे के लिए येलो अलर्ट जारी।

नवंबर का अंतिम सप्ताह शुरू होते ही देश भर में मौसम में तेज बदलाव देखने को मिल रहे हैं। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक लगभग हर क्षेत्र में कहीं ठंड बढ़ रही है, कहीं तापमान स्थिर बना हुआ है और कहीं भारी बारिश तथा समुद्री हवाओं का दौर जारी है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 27 नवंबर, 2025 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही समुद्र में दो अलग-अलग मौसमी गतिविधियां जारी है, पहला चक्रवाती तूफान ‘सेंयार’ और दूसरा बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव दोनों आगे बढ़ रहे हैं, जो दक्षिण भारत के मौसम में भारी बदलाव कर सकते हैं।

उत्तरी, पश्चिमी और पूर्वी भारत में तापमान के बदलाव

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। दिलचस्प बात यह है कि इसके बाद तापमान में दोबारा दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट का अनुमान है। इसका अर्थ है कि ठंड का असर कुछ दिनों के लिए हल्का रहेगा, लेकिन सप्ताह के आखिर में ठिठुरन दोबारा बढ़ सकती है

पश्चिम भारत में भी आगामी दो दिनों में तापमान के सामान्य रूप से स्थिर रहने की संभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है, जिससे राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी महाराष्ट्र के कई इलाकों में ठंड और तेज महसूस होगी।

पूर्वी भारत की स्थिति इसके उलट है। यहां आने वाले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, लेकिन अगले तीन दिनों में तापमान के दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इस वृद्धि के बाद तापमान फिर से स्थिर रह सकता है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सुबह की ठंड के बावजूद दिन में थोड़ी राहत मिल सकती है।

मध्य प्रदेश और विदर्भ के इलाकों में तापमान अगले 24 घंटों तक स्थिर रहेगा, पर उसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट का पूर्वानुमान है, जिससे इन इलाकों में ठंड का प्रभाव और अधिक बढ़ेगा। दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में तापमान धीरे-धीरे गिरेगा, लेकिन इसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने के आसार नहीं हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत में अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

उत्तराखंड: लगातार शुष्क मौसम और बढ़ती सर्दी

उत्तराखंड में मौसम लंबे समय से शुष्क बना हुआ है। बारिश की कमी और लगातार ठंडी हवाओं के कारण देहरादून, मसूरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री नीचे बना हुआ है। सुबह और शाम की ठंड लोगों को परेशान कर रही है।

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी मौसम के शुष्क बने रहने के आसार हैं और न्यूनतम तापमान में और गिरावट देखी जा सकती है। पहाड़ी इलाकों में पाले (फ्रॉस्ट) जैसी स्थितियां भी बनने लगी हैं।

हिमाचल प्रदेश में शुष्क ठंड और घने कोहरे का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में इस समय शुष्क ठंड अपने चरम पर है। लाहौल–स्पीति के ताबो और कुकुमसेरी जैसे इलाकों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच चुका है। वहीं बिलासपुर, मंडी और सुंदरनगर में घने कोहरे की स्थिति बन रही है, जिसके लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के अधिकतर इलाकों में दो दिसंबर तक मौसम साफ रहेगा और फिलहाल बारिश या बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है।

कश्मीर में दिसंबर में होगी बर्फबारी

कश्मीर घाटी में तापमान तेजी से नीचे गिर रहा है। श्रीनगर में तापमान माइनस 3.9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है, जो इस मौसम का सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिसंबर के दूसरे सप्ताह में यहां भारी बर्फबारी हो सकती हैपश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बढ़ने से ऊंचाई वाले इलाकों में व्यापक बर्फबारी के संकेत मिल रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती ठंड और प्रदूषण

दिल्ली-एनसीआर में सर्दी अपनी रफ्तार पकड़ रही है। कल, 26 नवंबर की सुबह इस सीजन की सबसे ठंडी सुबह रही। इसके साथ ही प्रदूषण भी लगातार बढ़ रहा है और सुबह सात बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 349 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।

सफदरजंग में न्यूनतम तापमान आठ डिग्री, जबकि आयानगर में 7.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.1 डिग्री कम है। आने वाले दिनों में ठंड में और इजाफा हो सकता है तथा सुबह-शाम हल्का कोहरा छाया रह सकता है।

चक्रवाती तूफान ‘सेंयार’ और बंगाल की खाड़ी का दबाव क्षेत्र

दक्षिण-पूर्व एशिया के पास एक चक्रवाती तूफान ‘सेंयार’ सक्रिय है, जो इंडोनेशिया के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों और मलक्का जलडमरूमध्य के पास स्थित है। यह तूफान 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दक्षिण-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है और अनुमान है कि आज, 27 नवंबर को यह एक गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) में तब्दील हो सकता है। इसके बाद यह और कमजोर पड़कर डिप्रेशन में बदल सकता है।

इसी के साथ बंगाल की खाड़ी में एक अन्य कम दबाव के क्षेत्र ने डिप्रेशन का रूप ले लिया है। यह श्रीलंका के हंबनटोटा के पूर्व में लगभग 170 किमी दूर स्थित है। आने वाले 12 घंटों में इसके गहरे दबाव में बदलने के आसार हैं। इसके बाद यह उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ेगा। इससे इन तटीय इलाकों में अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है।

तूफानी गतिविधि के चलते दक्षिण भारत में बारिश और तूफानी हवाएं

आज, 27 नवंबर को अंडमान और निकोबार में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने तथा भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार में 155.6 से 204.4 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

वहीं आज, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बादलों के जमकर बरसने तथा वज्रपात की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में 64.5 में 115.5 मिमी तक पानी बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है इसके साथ ही।

दक्षिण केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु तट और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में भी 35 से 55 किमी प्रति घंटे की दर से तूफानी हवाओं के दौर के जारी रहने का अनुमान है। जबकि अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में हवाओं की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 26 नवंबर, 2025 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पूर्वी राजस्थान के सीकर में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस रहा।